सिडनी। ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने जानवरों के लिए खाने की व्यवस्था करने के लिए हेलीकॉप्टरों से हजारों टन गाजर और शकरकंद जंगलों में गिराई है। दरअसल, बीते करीब तीन महीनों से जंगल में लगी आग ने भयानक तबाही मचाई है। कई जानवर इस आपदा में मारे गए हैं, जबकि जिंदा बचे जंगली जानवरों के सामने खाने का संकट खड़ा हो गया है। सितंबर 2019 के बाद से देश में फैली आग की वजह से जानवर भूख से मर रहे थे।

न्यू साउथ वेल्स (एनएसडब्ल्यू) सरकार ने पिछले हफ्ते विभिन्न जगहों पर हेलीकॉप्टरों को दो टन से अधिक शकरकंद और गाजर फेंकने लिए तैनात किया था। छोटे जंगली जानवरों के रहने वाली कम से कम छह अलग-अलग जगहों पर इन खाने की चीजों को गिराया गया है। एनएसडब्ल्यू के पर्यावरण मंत्री मैट कीन ने एक बयान में कहा कि

हम ब्रश-पूंछ वाले रॉक-वालेबाई जैसी लुप्तप्राय प्रजातियों के अस्तित्व को बचाने के लिए और उनकी आबादी को बढ़ान के लिए सप्लीमेंट्री खाने को पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।

कीन ने कहा कि सरकार जानवरों के भोजन की खपत का निरीक्षण करने के लिए कैमरे भी लगा रही है। आग की वजह से हुए नुकसान के शुरुआती आकलन से पता चलता है कि हाल ही में ब्रश-पूंछ वाले रॉक-वॉलबाय की आबादी के पास की जगहें जलकर खाक हो गई हैं। वालाबीज आमतौर पर आग से खुद का बचाव कर लेते हैं, लेकिन इसके बाद सीमित प्राकृतिक भोजन के साथ वे फंस जाते हैं क्योंकि आग उनके आस-पास की वनस्पति को जला देती है।

बताते चलें कि सितंबर 2019 के बाद ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में फैली आग की वजह से 80,000 वर्ग किमी (आयरलैंड से भी बड़े इलाके) का क्षेत्र जलकर खाक हो गया है और करीब एक अरब जंगली जानवरों के अलावा 28 लोगों की मौत हो गई है। आग की वजह से पिछले चार महीनों में लगभग 349 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड वायुमंडल में फैल गई है। वहीं, साल 2018 में कार्बन डाइऑक्साइड का देश में कुल वार्षिक उत्सर्जन के 532 मिलियन टन था।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai

fantasy cricket
fantasy cricket