फैसलाबाद। पाकिस्तान के फैसलाबाद शहर की 19 साल की नताशा मसीह के गरीब मां-बाप ने चंद रुपयों के लालच में अपनी ही बेटी की शादी एक चीनी से करा दी थी। उन्हें लगा था कि विदेश जाकर उनकी बेटी आराम से रहेगी लेकिन हुआ इसका उल्टा। मसीह का पति ना सिर्फ उसे मारता-पीटता था बल्कि उसे जिस्मफरोशी के लिए भी मजबूर करता था।

यह सब सहने वाली नताशा अकेली नहीं है। उसके जैसी सैकड़ों ऐसी पाकिस्तानी लड़कियां हैं जिनकी शादी के नाम पर चीन में तस्करी की जा रही है। इनमें से ज्यादातर लड़कियां पाकिस्तान के सबसे गरीब ईसाई समुदाय की हैं।

पाकिस्तान और चीन के दलाल आपसी मिलीभगत के जरिये देश में मानव तस्करी का गिरोह चला रहे हैं। वह गरीब परिवारों को रुपयों का लालच देकर उनकी बेटियों से चीनी नागरिकों की शादी कराते हैं। फिर उन लड़कियों को चीन भेज दिया जाता है जहां उनके पति जबरन उन्हें जिस्मफरोशी के धंधे में धकेल देते हैं।

हाल में पुलिस द्वारा मारे गए छापों में यह मामला उजागर हुआ है। पंजाब प्रांत के मानव अधिकार और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री एजाज आलम के मुताबिक अब तक 500 लड़कियों की चीन में तस्करी की जा चुकी है। कुछ कार्यकर्ताओं के अनुसार यह आंकड़ा हजार तक पहुंच गया है।

जांचकर्ताओं को चुप रहने का आदेश

नकदी संकट से बुरी तरह से जूझ रहे पाकिस्तान को चीन से भारी आर्थिक मदद मिल रही है। पाकिस्तान सरकार दोनों देशों के आर्थिक संबंध खराब नहीं करना चाहती। इसी वजह से वरिष्ठ अधिकारियों ने जांचकर्ताओं को इस मामले में चुप रहने का आदेश दिया है।

चीन सरकार ने किया इनकार

पाकिस्तान में चीन के राजदूत ने लड़कियों की तस्करी होने के आरोप से साफ इनकार कर दिया है। इस महीने पाकिस्तान आए चीन के उपराष्ट्रपति वांग क्वीशन ने भी इन आरोपों को खारिज कर दिया था।

Posted By: Neeraj Vyas