World Environment Day 2022 । हर साल 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है, दरअसल लोगों को पर्यावरण और इसके महत्व के बारे में जागरूक करने के लिए हर साल यह दिन मनाया जाता है। विकास की अंधी दौड़ के कारण इन दिनों दुनिया भर में पर्यावरण को काफी नुकसान पहुंचा है। अनजाने में ही कई बार हम ऐसी चीजों का उपयोग करते हैं, जिससे हमारी धरती माता का काफी नुकसान पहुंचता है। आज विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर हम आपको कुछ ऐसी घरेलू चीजों के बारे में बता रहे हैं, जिनके उपयोग से सीधा असर हमारे पर्यावरण पर ही होता है -

घरों में उपयोग होने वाले प्लास्टिक के पोंछे

घरों में इस्तेमाल होने वाले गीले पोंछे भी पर्यावरण को काफी क्षति पहुंचाते हैं। दरअसल गीले पोंछे में भी प्लास्टिक होता है, जो कागज की तरह पानी में नहीं घुलता है, इसलिए अपना चेहरा धोते समय या घर की सफाई करते समय पुन: प्रयोज्य सूती कपड़े का उपयोग करें।

सिंगल यूज प्लास्टिक

डिस्पोजेबल कटलरी से लेकर पानी की बोतलें, बैग और फूड रैपिंग आदि सब प्लास्टिक के बने होते हैं, जो कभी नष्ट नहीं होता है। ये पर्यावरण को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं। इसलिए सिंगल यूज प्लास्टिक की जगह पेपर बैग और स्टील की बोतलों का उपयोग ज्यादा करना चाहिए।

माइक्रोबीड्स

माइक्रोबीड्स एक मिलीमीटर से भी कम के ठोस प्लास्टिक कणों से निर्मित होते हैं। ये इतने ज्यादा बारीक होते हैं तो जल निस्पंदन प्रणाली से गुजर सकते हैं। ये माइक्रोबीड्स समुद्र के जीवन को प्रभावित कर सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक एक बार की बारिश से एक लाख प्लास्टिक के कण समुद्र में प्रवेश कर सकते हैं, जो समुद्री जीवन के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं।

फीता

आपको जानकर हैरानी होगी कि सेलो टेप के एक छोटे से टुकड़े का पर्यावरण पर कितना बड़ा प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में आप प्लास्टिक टेप की जगह मास्किंग टेप और सिलोफ़न जैसे टेप का इस्तेमाल करें, पर्यावरण के लिए ज्यादा फायदेमंद होगा।

कंडोम भी पहुंचाता है पर्यावरण को नुकसान

परिवार नियोजन के लिए हर कोई कंडोम का इस्तेमाल करते हैं लेकिन कंडोम भी पर्यावरण को काफी नुकसान पहुंचाता हैं। कंडोम भी प्लास्टिक से ही बनता है और यह डिस्पोज नहीं किया जाता है। कई बार जानवर इसे खा जाते हैं, जिससे उनके पेट को काफी नुकसान पहुंचता है।

टी बैग

आजकल अधिकांश ऑफिस में हम देखते हैं कि T-बैग्स का उपयोग ज्यादा होता है, लेकिन टी बैग्स पर्यावरण के लिए हानिकारक हो सकते हैं। टी बैग्स को प्लास्टिक का इस्तेमाल करके सील किया जाता है, जो पूरी तरह से डिस्पोज नहीं हो पाता है।

इन सब चीजों के अलावा लाइट बल्ब, सिगरेट, उस्तरा, हाथों में लगाया जाने जेल या कुछ सनस्क्रीन या स्क्रब क्रीम भी पर्यावरण को काफी नुकसान पहुंचाते हैं। सीएफएल और एलईडी बल्ब में सीसा, तांबा और जस्ता जैसे धातु के अधिक घटक होते हैं, जो पर्यावरण के लिए हानिकारक हो सकते हैं। सिगरेट को लेकर WHO ने कहा है कि तंबाकू वनों की कटाई, मिट्टी के कटाव, जल प्रदूषण और कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में वृद्धि जैसी चीजों के लिए जिम्मेदार है। सिगरेट का निर्माण और उत्पादन भी हर साल लाखों टन ठोस अपशिष्ट पदार्थ पैदा होता है। इसके अलावा बालों को काटने के लिए इस्तेमाल होने वाले रेजर भी डिस्पोजेबल नहीं है। वहीं अधिकांश जैल में ट्राइक्लोकार्बन (TCC) और ट्राइक्लोसन (TCS) होते हैं, जो रसायन पर्यावरण के लिए हानिकारक होते हैं। शोध में यह भी जानकारी सामने आई है कि सनस्क्रीन या स्क्रब क्रीम में ऑक्सी बेंजीन, पराबैंगनी फिल्टर सहित अवयव होते हैं, जो विभिन्न समुद्री जीवों के लिए हानिकारक होते हैं।

Posted By: Sandeep Chourey

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