Covifenz Vaccine: कनाडा की बायोटेक्नोलॉजी कंपनी मेडिकैगो द्वारा विकसित दुनिया की पहली पौधों से बनी कोविड-19 वैक्सीन का ट्रायल सफर रहा। यह वैक्सीन कोरोना वायरस के 5 वेरिएंट के खिलाफ 70% प्रभावी पाई गई। कोविफेन्ज नामक वैक्सीन में कोविड-19 जैसे कण (CoVLP) का उत्पादन होता है। पौधे जो एक सहायक (एएसओ 3) के साथ संयुक्त होते हैं और टीकों को बेहतर काम करने में मदद करते हैं।

व्यस्यकों पर किया गया ट्रायल

शोधकर्ताओं ने कहा कि मध्यम से गंभीर बीमारी के खिलाफ वैक्सीन को क्रमशः 78.8 फीसदी और 74 फीसदी प्रभावी पाया गया है। टीके के तीसरे चरण का परीक्षण 85 केंद्रों पर किया गया। जिसमें 24,141 वयस्क शामिल थे। जिन्हें 21 दिनों के अंतराल पर CoVLP AS03 वैक्सीन या प्लेसीबो के दो इंट्रामस्क्युलर इंजेक्शन प्राप्त करने के लिए बेतरतीब ढंग से सौंपा गया था।

इम्युन सिस्टम पर समान रूप से प्रभाव

रिसर्चर ने कहा कि ट्रायल में 65 वर्ष से अधिक उम्र के भाग लेने वाले प्रतिभागियों की संख्या कम थी। ऐसे में इस टीके की प्रभावकारिता के बारे में कुछ पक्के तौर पर नहीं कर सकते हैं। हालांकि वैक्सीन के पिछले ट्रायल बताते हैं कि यह वैक्सीन युवा और वृद्ध दोनों के इम्युन सिस्टम पर समान रूप से प्रभाव डालती है।

डब्ल्यूएचओ ने किया था खारिज

हालांकि इस साल मार्च में डब्ल्यूएचओ ने सिगरेट कंपनी के साथ मेडिकैगो इंक के जुड़ाव के कारण कोविड वैक्सीन को खारिज कर दिया था। विश्व स्वास्थ्य संगठन की तरफ से 2 मार्च को जारी एक बयान के अनुसार कनाडाई बायोफार्मा कंपनी के कोविफेन्ज वैक्सीन के प्री-क्वालिफिकेशन के लिए आवेदन दिया था, जिसे खारिज कर दिया गया है। इसका मतलब है कि डब्ल्यूएचओ इस टीके को शायद ही इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए मंजूरी दे।

कनाडा सरकार ने की मदद

बता दें कोविफेन्ज दुनिया का पहला प्लांट आधारित कोविड इनोक्यूलेशन है। यह पौधों में उगाए गए प्रोटीन से बना है, जो वायरस की तरह दिखता है। वैक्सीन ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन पीएलसी के महामारी सहायक एक पदार्थ का भी उपयोग करता है। इसे मेडिकैगो द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया था। जिसका स्वामित्व मित्सुबिशी केमिकल, फिलिप मॉरिस और ग्लैक्सो के पास है। कनाडा सरकार ने इसके विकास के लिए 173 मिलियन डॉलर की धनराशि प्रदान की और अबतक एकमात्र देश है, जिसने इसे उपयोग के लिए मंजूरी दी है।

Posted By: Shailendra Kumar