World Milk Day 2022: 1 जून को पूरी दुनिया में वर्ल्ड मिल्क डे मनाया गया है। दूध में सभी प्रकार के पोषक तत्व पाए जाते है। यह वर्ल्ड मिल्क डे दूध के फायदों के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए मनाया जाता है। वहीं भारत दूध उत्पादन में नंबर वन पर रहा है। पूरी दुनिया में भारतीय दूध के प्रोडक्ट सप्लाई किए जाते है। सबसे ज्यादा गाय का दूध पिया जाता है, लेकिन दुनिया के कई ऐसे हिस्से है, जहां गाय के अलावा और भी कई जानवरों का दूध पिया जाता है। ऊंट से लेकर घोड़ी और भेड़ का दूध भी काफी लोकप्रिय है। साथ ही बकरी के दूध को भी बेहद फायदेमंद माना गया है। आइए जाने कि दुनिया में किस-किस जानवर का दूध पिया जाता है और इसके क्या फायदे है।

ऊंटनी का दूध - ऊंटनी के दूध को काफी फायदेमंद माना गया है। ऊंटनी के दूध का उपयोग रेगिस्तानी इलाकों में रहने वाले लोग करते है। ऊंट न केवल सवारी में काम आते है बल्कि इनका दूध भी काफी लाभदायक होता है। बीकानेर का राष्ट्रिय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र ऊंटनी के दूध के कई प्रोडक्ट बनाते है। ऊंटनी का दूध डायबिटीज के मरीजों के लिए बहुत बेहतरीन माना जाता है।

घोड़ी का दूध - मध्य एशिया के इलाके में रहने वाले लोग घोड़ी के दूध का उपयोग करते है। इन इलाकों में गाय-भैंस नहीं पाई जाती है। इस वजह से यहां के लोग घोड़ी के दूध पर ही निर्भर रहते है। रुस और मध्य एशिया के लोग काफी लंबे समय से घोड़ी का दूध पीते आ रहे है। ये स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होता है।

भेड़ का दूध - भेड़ के दूध का उत्पादन मुख्य रुप से अर्द्ध शुष्क इलाकों और भूमध्य सागर के आसपास के क्षेत्रों में किया जाता है। भेड़ के दूध उत्पादन के मामले में सबसे आगे चीन है। इसके साथ ही स्पेन, सीरिया और ग्रीस समेत कई देशो में भेड़ों के दूध का उत्पादन होता है। भेड़ का दूध स्किन और हड्डियों को काफी फायदा पहुंचाता है।

जिराफ का दूध - जिराफ का भी दूध पिया जाता है। ऐसा माना जाता है कि जिराफ का दूध फायदा तो नहीं पहुंचाता है लेकिन फिर भी इसका सेवन जरुर किया जाता है। जिराफ के दूध में विटामिन ए और विटामिन बी काफी ज्यादा मात्रा में पाया जाता है। चीन और मंगोलिया में इनका दूध काफी लोकप्रिय है।

बारहसिंगे का दूध - बारहसिंगे का दूध गाय के दूध की तरह ही होता है। इसके दूध का भी सेवन किया जाता है। बारहसिंगे के दूध में कैल्शियम की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। उत्तरी यूरेशिया और बहुत ही ठंडे इलाकों में बारहसिंगे के दूध का उपयोग किया जाता है। क्योकिं ऐसे इलाकों में गाय का जीवन-यापन संभव नहीं है।

Posted By: Sandeep Chourey

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