बीजिंग। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 11 अक्टूबर को भारत दौरे पर आने वाले हैं और इससे पहले उनके हवाले से बड़ा बयान आया है। बीजिंग से जारी एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति ने कहा है कि कश्मीर के हालात पर उनकी पूरी नजर है और यहां से जुड़े मूल हितों पर वे पाकिस्तान का समर्थन करेंगे। चीनी समाचार एजेंसी शिनहुआ ने यह खबर दी है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से चर्चा के दौरान जिनपिंग ने यह भी कहा कि कश्मीर पर स्थिति का सही और गलत पूरी तरह स्पष्ट है। हालांकि उन्होंने यह सलाह भी दी कि दोनों पक्षों का कश्मीर मुद्दे का शांति पूर्ण हल निकालना चाहिए।

जिनपिंग के बयान के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार का बयान आया। उन्होंने कहा, पाक पीएम इमरान खान के साथ जिनपिंग की बातचीत में कश्मीर पर हुई चर्चा के बारे में हमें सूचना मिली है। भारत का इस बारे में स्पष्ट मत है कि कश्मीर हमारा अंदरूनी मामला है। जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है जिसके बारे में चीन को भी बखूबी पता है। भारत के आंतरिक मामले के बारे में दूसरे देशों को कोई टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।

बता दें, जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है। चीन का रुख हमेशा पाकिस्तान के पक्ष में रहा है। कहा जाता है कि पाकिस्तान के कहने पर ही चीन इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ले गया था। यहां कश्मीर पर एक प्रस्ताव लाया गया, जिस पर बंद कमरे में सदस्य देशों की बैठक हुई। हालांकि किसी देश ने इस मुद्दे पर चीन या पाकिस्तान का साथ नहीं दिया।

शी के भारत दौरे से पहले चीन ने इमरान को बुलाया

यूं तो चीनी राष्ट्रपति के भारत दौरे का एजेंडा अभी तय नहीं है, लेकिन माना जा रहा है कि पाकिस्तान के संबंध में सीमा पार आतंकवाद पर भी बात हो सकती है। यही कारण है कि शी के भारत रवाना होने से पहले चीन ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को बीजिंग बुलाया। इमरान के साथ पाकिस्तान के सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा भी हैं। यह पहला मौका है जब किसी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के चीन दौरे पर सेना प्रमुख भी उनके साथ हैं।

चेन्नई में होगी मोदी-जिनपिंग की मुलाकात

चीनी राष्ट्रपति दो दिनी भारत दौरे पर 11 अक्टूबर को नई दिल्ली पहुंचेंगे। इसी दिन चेन्नई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी मुलाकात होगी।