सिडनी। Australian Bush Fire अब दावानल का रूप ले चुकी है। इसे बुझाने के लिए अग्निशमन विभाग ने पूरी ताकत झोंक दी है, लेकिन अभी तक इसे आगे बढ़ने से नहीं रोका जा सका है। इस बीच मौसम विभाग की चेतावनी ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। विभाग का कहना है कि यह आग अभी कुछ हफ्तों तक इसी तरह लगी रह सकती है और आगे बढ़ सकती है क्योंकि अभी तीन महीनों तक बारिश के कोई संकेत नहीं हैं।

पूर्वी तट के किनारे 100 जगहों पर लगी आग को बुझाने के लिए फायर फाइटर्स काफी जद्दोजेहद कर रहे हैं। न्यू साउथवेल्स और क्वींसलैंड राज्यों में इस दावानल की वजह से चार लोगों की मौत हो गई है। वहीं, सैकड़ों घर आग में खाक हो गए हैं और पिछले सप्ताह में 25 लाख एकड़ (10 लाख हेक्टेयर) खेत और झाड़ी आग की भेंट चढ़ गए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि तीन साल के सूखे के बाद बेहद रूखी स्थिति ने आग को भड़काने का काम किया। विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन इसका एक बड़ा कारण है, जिसके लिए हाल के दिनों में काफी राजनीतिक बहस चल रही है। अग्निशमन विभाग ने कहा है कि बारिश नहीं होने की स्थिति में आग अभी कई हफ्तों तक लगी रहेगी।

ऑस्ट्रेलिया के ब्यूरो ऑफ मैटिओरोलॉजी (मौसम विज्ञान) ने कहा कि देश के पूर्वी तट पर एक दिसंबर से 28 फरवरी के बीच औसत बारिश होने की संभावना 25 फीसद है। खतरे को भांपते हुए मौसम विभाग ने कहा है कि इस बात की 80 फीसद संभावना है कि अगले तीन महीनों में तापमान औसत स्तर से अधिक हो जाएगा।

बताते चलें कि ऑस्ट्रेलिया के गर्म, शुष्क ग्रीष्मकाल में झाड़ियों में आग लगना आम बात है। मगर, इस साल दक्षिणी वसंत में आग की तेजी से लगने और फैलने की घटना ने कई लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया।

इसके साथ ही जलवायु परिवर्तन के बारे में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। प्रधान मंत्री स्कॉट मॉरिसन ने बार-बार इस मुद्दे पर पूछे गए सवालों से बचने की कोशिश की, जिसकी वजह से जलवायु कार्यकर्ताओं और विपक्षी सांसदों ने उनकी आलोचना की।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai