इस्लामाबाद। पाकिस्तान के विज्ञान मंत्री ने फवाद हुसैन ने कहा कि पाकिस्तान कश्मीर के लोगों के लिए इंटरनेट सुविधा देने पर काम कर रहा है। फवाद हुसैन ने कहा कि आज-कल इंटरनेट को मूलभूत अधिकार माना जाता है। उन्होंने कहा कि हमने सुपारको (Space and Upper Atmosphere Research Commission) से पूछा है कि क्या वो किसी तरह से कश्मीरियों तक इंटरनेट की पहुंच करा सकते हैं, ताकि कश्मीर के लोग अपने मूलभूत अधिकार का इस्तेमाल कर सकें? इसके बाद ट्विटर पर चौधरी का जमकर मजाक उड़ाया गया है।

बताते चलें कि सुपारको पाकिस्तान के एक्जीक्यूटिव और नेशनल स्पेस एजेंसी व चीन के नेशनल स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन के बीच का द्विपक्षीय संगठन है। यह पाकिस्तान की सार्वजनिक और नागरिक अंतरिक्ष कार्यक्रम के साथ ही वैमानिकी और एयरोस्पेस अनुसंधान के लिए काम करता है। चौधरी ने कहा कि वह चाहते हैं कि यह संगठन सैटेलाइट के जरिये जम्मू-कश्मीर की जनता को इंटरनेट की सुविधा मुहैया कराए। इसके बाद ट्विटर पर यूजर्स ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया।

एक यूजर ने लिखा- कृपया सैटेलाइट युद्ध का खेल नहीं खेलें... यह पाकिस्तान के लिए सबसे खतरनाक होगा... हाहाहा। एक अन्य यूजर ने कहा कि लोग उसे उपग्रह के माध्यम से इंटरनेट प्रदान करने के लिए बधाई दे रहे हैं। यही नया पाकिस्तान है... और वह विज्ञान और तकनीक मंत्री हैं। एक अन्य यूजर ने ट्रोल करते हुए लिखा- फवाद चौधरी का यह मजाकिया विचार, पाकिस्तान के टेक्नोलॉजी मिनिस्टर के लिए बड़ा मजाक है।

एक अन्य ट्विटर यूजर ने लिखा- पंजगुर में 1.5 माहिने से इंटरनेट सर्विस बंद हैं, बगैर किसी कारण। खुदारा पहले अपने लोगों को इंटरनेट फिर दूसरे लोगों के बारे में सोचो। इसके अलावा सैकड़ों लोगों ने चौधरी के ट्वीट को री-ट्वीट करते हुए प्रतिक्रिया दी।

बताते चलें कि जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को भारत ने खत्म कर उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया है। इसके बाद से ही पाकिस्तान की नींद उड़ी हुई है। वह हर मोर्चे पर भारत को घेरने की नाकाम कोशिश कर चुका है। इस कड़ी में उसे ही मुंह की खानी पड़ी है।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai