चीन का रहस्यमयी नया कोरोनावायरस (Coronavirus) तेजी से फैल रहा है। हालांकि, बहुत सारे मामले चीन तक ही सीमित हैं, लेकिन वायरस का असर धीरे-धीरे आगे फैल रहा है। अब तक फ्रांस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया और संयुक्त राज्य अमेरिका सहित 13 से अधिक देशों में Corona virus के मामलों की पुष्टि की गई है। यह वायरस सीवर एक्यूट रेस्पेरेट्री सिंड्रोम (SARC) फैमिली का है, यानी सीधी भाषा में कहें तो इसकी वजह से सांस लेने में मुश्किल होती है। इसकी वजह से अब तक 4,700 से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं, जबकि कम से कम 107 मौतें हो चुकी हैं।

इसके अलावा 30 हजार से अधिक लोगों को चिकित्सकीय देख-रेख में रखा गया है। विदेशों की बात करें तो थाईलैंड में 7, ऑस्ट्रेलिया में 4, फ्रांस में 3, जापान में 3, कोरिया गणराज्य में 3, अमेरिका में 3, वियतनाम में 2, सिंगापुर में 4, मलेशिया में 3, नेपाल में एक मामले की पुष्टि की गई। इस बीच भारत में चीन से आने वाले बेंगलुरू के दो लोगों को चिकित्सकीय देखरेख में रखा गया है।

बिहार में कोरोनावायरस का एक संदिग्ध मामला सामने आया है, जिसे पटना के पीएमसीएच में निगरानी में रखा गया है। हैदराबाद में कोरोनावायरस (2019-nCoV) के चार संदिग्ध मामले सामने आए हैं। जबकि उनके दो रक्त नमूनों ने वायरस के लिए नकारात्मक परीक्षण किया, दो अन्य के परिणाम अभी भी प्रतीक्षित हैं।

कोरोनोवायरस क्या है और यह कैसे फैलता है?

जानवरों में आम तौर पर पाए जाने वाले वायरस का एक बड़ा समूह है कोरोनावायरस। यह SARS वायरस परिवार से संबंधित है। आमतौर पर ये वायरस जानवरों को संक्रमित करते हैं और मनुष्यों को प्रभावित करने के मामले बहुत ही कम सामने आते हैं। सबसे पहले इस वायरस की वजह से बीमार होने वाले शख्स की जानकारी वुहान में मिली। इसके बाद यह तेजी से बीजिंग, शंघाई, झिंजियांग और अब अन्य देशों में फैल गया। यह तब फैलता है जब कोई संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आता है। इस वायरस का संक्रमण खांसी, छींकने और हाथ मिलाने से फैलता है।

कोरोनोवायरस के लक्षण

इस बीमारी के होने पर नाक बहना, बुखार, कमजोरी, सर्दी, गले में खराश होना शामिल है, जो 48 घंटे तक रह सकती है। इसके अलावा थकान महसूस होने और सांस लेने में भी परेशानी हो सकती है। जिन लोगों की इम्यूनिटी यानी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो, वे इस वायरस के संपर्क में आने पर मर सकते हैं। वायरस निमोनिया और ब्रोंकाइटिस जैसे गंभीर श्वसन की बीमारी को बढ़ा देते हैं।

बचाव के लिए क्या करें

- मुंह ढंक कर रखें, खासतौर पर सार्वजनिक जगहों पर।

- यदि कोई व्यक्ति खांस रहा है या छींक रहा है, तो उससे दूर हट जाएं।

- यदि आप संक्रमित हैं तो घर पर रहें और भीड़-भाड़ में जाने से बचें।

- हाथ अच्छी तरह से धोएं और उसे सैनेटाइज करते रहें।

- संदिग्ध लक्षणों वाले व्यक्ति को उचित सावधानी बरतनी चाहिए

इलाज

अभी तक इस बीमारी की कोई दवा या टीका नहीं बना है। लिहाजा, सुरक्षा ही सबसे बड़ा बचाव और इलाज है।अधिक गंभीर मामलों में वायरस की वजह से निमोनिया हो सकता है, और सांस लेने में कठिनाई हो सकती है। सबसे बड़ा खतरा इसी का होता है।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai

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