कोलंबो, एजेंसी। श्रीलंका में मुख्य तमिल पार्टी अगले महीने यहां होने वाले राष्ट्रमंडल शिखर सम्मेलन का बहिष्कार करेगी। सम्मेलन के लिए इसे एक और बड़ा झटका माना जा रहा है। तमिल नेशनल एलायंस (टीएनए) के वरिष्ठ नेता और विधायक मवाई सेनाथिराज ने शनिवार को बताया कि हम इस सम्मेलन में हिस्सा नहीं लेंगे लेकिन इससे दूरी बनाने का मतलब यह नहीं है कि हम इसमें भाग लेने वाले देशों का विरोध कर रहे हैं। हम उनसे मिलने के लिए काफी उत्सुक हैं।

टीएनए सूत्रों ने बताया कि तमिल बहुल उत्तरी प्रांतीय परिषद में सत्तासीन टीएनए की बैठक में प्रांत के मुख्यमंत्री वी विघ्नेश्वरन ने राष्ट्रमंडल प्रमुखों के सम्मेलन से दूरी बनाए रखने का निर्णय लिया। यह सम्मेलन 15 से 17 नवंबर तक कोलंबो में आयोजित किया गया है। राष्ट्रमंडल के कुल 53 सदस्य देश हैं जो एक समय ब्रिटिश साम्राज्य का हिस्सा रहे हैं। इस सम्‍मेलन से पहले कनाडा के प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर ने दूरी बना ली है।

उन्होंने श्रीलंका में 2009 में गृहयुद्ध खत्म होने के बाद भी मानवाधिकारों का उल्लंघन जारी रहने पर यह फैसला किया। हालांकि सम्मेलन में भारतीय प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह हिस्सा लेंगे या नहीं, यह फैसला लिया जाना अभी बाकी है क्योंकि तमिलनाडु में राजनीतिक पार्टियां इस सम्मेलन का विरोध कर रही हैं और इस सिलसिले में वहां की विधानसभा में एक प्रस्ताव भी पारित किया चुका है।

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