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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 01, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

New Year 2023: कानन जू में पहुंचे 22 हजार से अधिक पर्यटक, टूटा पांच का रिकार्ड

New Year 2023: नववर्ष के पहले जू प्रबंधन को चार लाख 54 हजार 540 रुपये राजस्व प्राप्त हुआ है।

By Yogeshwar SharmaEdited By: Yogeshwar Sharma
Publish Date: Sun, 01 Jan 2023 05:27:59 PM (IST)Updated Date: Sun, 01 Jan 2023 11:23:13 PM (IST)
New Year 2023: कानन जू में पहुंचे 22 हजार से अधिक पर्यटक, टूटा पांच का रिकार्ड

New Year 2023: बिलासपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। नए साल के पहले दिन रविवार को कानन पेंडारी जू पर्यटकों की भीड़ ने पांच साल का रिकार्ड तोड़ दिया है। हरियाली व वन्यप्राणियों के बीच 22039 सैलानियों ने नए साल का जश्न मनाया। इससे पहले वर्ष 2019 में 22 हजार पर्यटक पहुंचे थे। नववर्ष के पहले जू प्रबंधन को चार लाख 54 हजार 540 रुपये राजस्व प्राप्त हुआ है। प्रबंधन इस आंकड़े से बेहद खुश है। मान रहे हैं कि सालभर इसी तरह कानन में पर्यटकों की रौनक रहेगी।

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कानन पेंडारी चिड़ियाघर शहर से नजदीक सबसे प्रमुख व लोकप्रिय भ्रमण केंद्र है। यही वजह है कि सामान्य दिनों में भी यहां बड़ी तादात में पर्यटक पहुंचते हैं। सबसे ज्यादा भीड़ नए साल के पहले दिन यानी एक जनवरी को रहती है। प्रबंधन को इसका अंदाजा रहता है इसलिए महीनेभर पहले से तैयारी शुरू कर दी जाती है। पिछले साल के आंकड़ों को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष और पुख्ता तैयारी की गई थी। हालांकि सुबह जब जू खुला और करीब दो घंटे तक गिनती के पर्यटक नजर आए तो जू प्रबंधन को चिंता होने लगी।


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सुबह 11 बजे तक पर्यटकों की संख्या सामान्य देखकर प्रबंधन यह मानकर चल रहा था कि 10 या 15 हजार पर्यटक ही पहुंचेंगे। दोपहर 12 बजे के बाद संख्या थोड़ी बढ़ी और दोपहर एक बजे तो स्थिति यह हो गई कि पैर रखने तक की जगह नहीं थी। जितनी भीड़ मुख्य द्वार पर प्रवेश टिकट लेने के लिए थी, उतनी ही जू परिसर में दिख रही थी। बाल उद्यान, बिलासा उद्यान व राजीव बाल उद्यान से लेकर कोई जगह खाली नहीं थी। बच्चे झूले व फिसलपट्टी, क्रिकेट, बैडमिंटन समेत अन्य खेलाें का लुत्फ उठाते नजर आए। शाम पांच बजे तक पर्यटकों के परिवार के साथ पहुंचने का सिलसिला चलता रहा। वैसे शाम 4:30 बजे पर्यटकों का प्रवेश रोकने का निर्णय लिया था, लेकिन वह मायूस न हो जाए, इसलिए आधे घंटे और बढ़ाकर टिकट दिया गया, ताकि जू की सैर कर सकें।

बाघ शावकों के केज में असुरक्षा, जाली पर चढ़ गए पर्यटक

कानन पेंडारी जू की बाघिन रंभा के साथ उनके चार शावकों को पर्यटकों को दिखाने के लिए खुले केज में छोड़ा गया था। जू प्रबंधन को मालूम था कि यहां अव्यवस्था हो सकती है। इसलिए छह से सात वनकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। इतना पुख्ता इंतजाम करने के बाद यहां की स्थिति असुरक्षित हो गई। शरारती पर्यटक सामने लगी लोहे की जाली में चढ़ गए। उन्हें देखकर वनकर्मियों को हाथ-पैर फूलने लगे। यदि एक भी पर्यटक नीचे गिर जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। पहले कुछ जगह इस तरह की घटना हो चुकी है। इसकी जानकारी मिलने पर अधिकारियों ने व्यवस्था संभालने के लिए कुछ और वनकर्मियों को भेजा। सख्ती व समझाइश के बाद पर्यटक नीचे उतरे।

अस्थाई काउंटर में टूट पड़ी भीड़, रसीद समेटकर भागे कर्मी

प्रवेश टिकट लेने में पर्यटकों को दिक्कत न हो, इसलिए जू प्रबंधन कुछ अस्थाई टिकट काउंटर भी बनाए थे। पेंडारी गांव की तरफ मुख्य द्वार के सामने भी एक काउंटर की व्यवस्था की गई थी। यहां पहले टिकट लेने के लिए पर्यटकों की भीड़ टूट पड़ी। कुछ शरारती पर्यटकों ने भीड़ का फायदा उठाकर टेंट फाड़ दिया है। भीड़ को बेकाबू देखकर काउंटर पर बैठे कर्मचारी रसीद समेत भागकर जू में चले गए। बाद में यहीं से उन्होंने टिकट दिया। इस बार लोहे के गेट की दूसरी तरफ बैठकर कर्मचारी टिकट देते नजर आए। इस अव्यवस्था के बावजूद पुलिस मौके पर नहीं पहुंची।

शाम सात बजे तक निकलते रहे बाहर

शाम पांच बजे प्रवेश देने का खामियाजा भी जू प्रबंधन को भुगतना पड़ा। जू को खाली कराने के लिए जू प्रबंधन को भारी जद्दोजहद करनी पड़ी। शाम छह बजे के बाद वनकर्मी विसिल बजाकर पर्यटकों को बाहर निकलने का समय होने का संकेत देते रहे। लेकिन इतनी आसानी से पर्यटक कहां निकलने वाले थे। जू पूरी तरह खाली होने शाम सात बज गए। इसके बाद ही वनकर्मियों को राहत मिली।