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बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। हाई व हायर सेकेंडरी स्कूलों में अर्द्धवार्षिक परीक्षा संपन्न् हो गई। अब शिक्षक उत्तर पुस्तिकाओं की जांच करेंगे। इसके बाद कम नंबर पाने वाले छात्र-छात्राओं की सूची बनाएंगे। फिर ऐसे बच्चों अलग से कोचिंग देंगे। ताकि बोर्ड परीक्षा में बेहतर अंक से पास हो सके।
अर्द्धवार्षिक परीक्षा के नंबर को छात्रों को बताने से पहले पालकों की बैठक की जाएगी। इसके बाद छात्रों के सामने उनके नंबरों के बारे में पालकों को अवगत कराया जाएगा। साथ ही बोर्ड परीक्षा में बच्चों के लिए समय निकालने के निर्देश भी देंगे। वार्षिक परीक्षा के पूर्व स्कूलों में छात्रों की तैयारी का भी आंकलन भी किया जाएगा। विषय विशेषज्ञों द्वारा अलग से क्लास लिए जाएंगे। कमजोर बच्चों का चिन्हांकन कर उनकी पढ़ाई पर विशेष जोर दिया जाएगा।
सितंबर व अक्टूबर माह में ही तिमाही की परीक्षा ली गई थी। इसके बाद बेस लाइन टेस्ट का भी आयोजन अक्टूबर माह में किया गया। वर्तमान में शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए प्रति माह छात्रों के टेस्ट भी लिए जा रहे हैं। टेस्ट में छात्रों को उनकी कमियां भी बताई जा रही है। फिलहाल, स्कूलों में सिलेबस को पूरा करने पर फोकस है। अर्द्धवार्षिक परीक्षा में कम अंक लाने वाले छात्रों की पढ़ाई पर फोकस किया जाएगा। जिससे वार्षिक परीक्षा में छात्र अच्छा प्रदर्शन कर सके। जिले में छात्रों का बेहतर रिजल्ट आ सके।
बाजार में गाइड्स की मांग बढ़ी
बोर्ड परीक्षा के नजदीक आते ही बाजार में भी गाइड व परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकों की मांग भी बढ़ गई है। छात्र गाइड खरीदने जा रहे हैं। इससे पहले कोरोना संक्रमण के कारण पुस्तकों का बाजार ठप पड़ गया था। इस वर्ष किताब दुकानों के संचालक अच्छी खरीदारी की उम्मीद लगाए हुए हैं। अर्द्धवार्षिक परीक्षा के बाद वार्षिक परीक्षा को देखते हुए मार्केट में गाइड आ गया है।