• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • बिलासपुर

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 12, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बिलासपुर स्टेशन की निश्शुल्क बैटरी कार भी बिगड़ी, बुजुर्ग व दिव्यांग यात्री हुए परेशान

जोनल स्टेशन में दिव्यांग, बुजुर्ग व बीमार यात्रियों को बैटरी कार की सुविधा नहीं मिल पा रही है। दरअसल कोरोना संक्रमण की दस्तक के साथ ही दोनों शुल्क वाल...और पढ़ें

By Abrak AkroshEdited By: Abrak Akrosh
Publish Date: Wed, 12 Oct 2022 09:27:00 AM (IST)Updated Date: Wed, 12 Oct 2022 09:27:53 AM (IST)
बिलासपुर स्टेशन की निश्शुल्क बैटरी कार भी बिगड़ी, बुजुर्ग व दिव्यांग यात्री हुए परेशान

बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। जोनल स्टेशन में दिव्यांग, बुजुर्ग व बीमार यात्रियों को बैटरी कार की सुविधा नहीं मिल पा रही है। दरअसल कोरोना संक्रमण की दस्तक के साथ ही दोनों शुल्क वाली कार के पहिए थम गए। पर महीनों एक ही जगह पर रखे रहने के कारण कार बिगड़ गई और धीरे से प्लेटफार्म से ठेकेदार भी कार ले गया। इसके बाद से निश्शुल्क कार चलाई जा रही थी। वह भी पिछले कुछ दिनों से बिगड़ी पड़ी है। यात्री परेशान हैं। पर किसी को उनकी दिक्कत नजर नहीं आ रही है।

जोनल स्टेशन में तमाम सुविधाएं है। पर अब भी दिव्यांग, बीमार व बुजुर्ग यात्रियों को बैटरी कार की आवश्यकता पड़ती है। यहां आठ प्लेटफार्म है। जर्जर पाथ- वे के कारण कार चार- पांच पर तो नहीं जा पाती। पर बाकी के प्लेटफार्म में आसानी से कार चली जाती है। प्लेटफार्म दो- तीन में जर्जर पाथ- वे के कारण थोड़ी दिक्कत होती है। नागपुर छोर हो या हावड़ा छोर यात्री आसानी से कोच तक पहुंच जाते हैं। हालांकि यह कार निश्शुल्क सुविधा है। इसलिए रेलवे संचालक पर दबाव नहीं बना सकती है। लेकिन पूर्व में जो शुल्क वाली कार चलती थी।


वह आधे बीच में समाप्त हो गई है। इसे लेकर रेलवे ने न तो जवाब मांगा और किसी तरह पूछताछ की गई। यात्रियों को परेशानी हो रही यह तक देखने की फुर्सत रेल अफसरों को नहीं है। सामान्य यात्री तो चलित सीढ़ी या लिफ्ट या फिर सामान्य सीढ़ी से आसानी से एक से दूसरे प्लेटफार्म तक पहुंच जाते हैं। पर जिन्हें किसी तरह की दिक्कत है तो उन्हें एक से दूसरे प्लेटफार्म या फिर प्लेटफार्म एक में ही एक से दूसरे छोर तक जाने में भारी जद्दोजहद करनी पड़ती है। स्टेशन में बैटरी कार सुविधा की बेहद जरुरी है। पर नए टेंडर या पुराने ठेकेदार द्वारा सुविधा शुरू की जा रही है या नहीं इसे जानने तक समय नहीं है।