
बिलासपुर।International Women Day 2022: केंद्रीय विद्यालय के प्राचार्य धीरेंद्र कुमार झा ने कहा कि परिवार की महिलाओं का सबसे पहले उत्थान होना चाहिए। जिसके बाद ही हम एक सर्वश्रेष्ठ समाज की परिकल्पना को साकार कर सकते हैं। अगर हम महिलाओं की आज की अवस्था को पौराणिक समाज की स्थिति से तुलना करे तो यह तो साफ़ दिखता है की हालात में कुछ तो सुधार हुआ है। महिलाएं नौकरी करने लगी है। घर के खर्चों में योगदान देने लगी है। कई क्षेत्रों में महिला पुरुषों से आगे निकल गई है। दिन प्रतिदिन लड़कियां ऐसे ऐसे कीर्तिमान बना रही है जिस पर न सिर्फ परिवार या समाज को बल्कि पूरा देश गर्व महसूस कर रहा है।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में विद्यालय की महिला शिक्षकों और कर्मचारियों को पुष्पगुच्छ व कला विभाग द्वारा बनाए गए स्पेशल कार्ड से सम्मानित किया गया। कला शिक्षक खलिक अहमद सिद्दीकी ने इसे विशेष तौर पर तैयार किया था। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक राजेश कुमार चौहान ने किया। मुख्य अतिथि प्राचार्य धीरेंद्र ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आगे कहा कि महिलाओं के उत्थान में भारत सरकार भी पीछे नहीं है।
बीते कुछ सालों में सरकार द्वारा कई महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की गई है। जो महिलाओं को सामाजिक बेड़ियां तोड़ने में मदद कर रही है तथा साथ ही साथ उन्हें आगे बढ़ने में प्रेरित कर रही है। सरकार ने पुराने वक़्त के प्रचलनों को बंद करने के साथ साथ उन पर क़ानूनन रोक लगा दी है। इसके अलावा बाल विवाह, भ्रूण हत्या, दहेज़ प्रथा, बाल मजदूरी, घरेलू हिंसा जैसे मामलों में कानूनी प्रतिबंध का असर दिखा है। समाज में महिलाओं की स्थिति में काफी सुधार आने लगा है।
इनकी रही विशेष उपस्थिति
सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रमुख रूप से राजेश कुमार शर्मा, एन लक्ष्मी, सुनील कुमार शर्मा, कोकिला सोनवानी, किरण राठौर, परमेश्वर साहू भारती, लक्ष्मी ने अपने विचारों की प्रस्तुतिकरण किया। लक्ष्मण कौशिक संगीत शिक्षक ने अपने मधुर गीत से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।