• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • जगदलपुर

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 29, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Chhattisgarh News: नक्सल कारीडोर को भेदने की योजना केंद्र व राज्य सरकार की शिथिलता से अटकी

छत्तीसगढ़ के नक्सल कारीडोर को सड़क मार्ग से भेदने की योजना केंद्र व राज्य सरकार की शिथिलता से अटक गई है।

By Ashish Kumar GuptaEdited By: Ashish Kumar Gupta
Publish Date: Thu, 29 Dec 2022 04:53:03 PM (IST)Updated Date: Thu, 29 Dec 2022 04:53:03 PM (IST)
Chhattisgarh News: नक्सल कारीडोर को भेदने की योजना केंद्र व राज्य सरकार की शिथिलता से अटकी

अनिमेष पाल। जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल कारीडोर को सड़क मार्ग से भेदने की योजना केंद्र व राज्य सरकार की शिथिलता से अटक गई है। केंद्र सरकार ने इस वर्ष जून में राज्य के घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए 94 सड़कों की स्वीकृति दी थी। इन सड़कों का निर्माण मार्च 2023 तक पूरा करना था परंतु राज्य सरकार ने अब तक निविदा भी जारी नहीं की है। सितंबर में राज्य सरकार ने केंद्र को पत्र लिखकर समयसीमा 2024 तक बढ़ाने का आग्रह किया था, केंद्र सरकार ने इस पत्र का कोई उत्तर नहीं दिया है। इस योजना में होने वाले व्यय का 60 प्रतिशत केंद्र व 40 प्रतिशत राज्य सरकार को वहन करना है। योजना की शर्त यह है कि यदि तय समयसीमा में काम पूरा न किया गया तो संपूर्ण व्यय राज्य सरकार को ही करना होगा। जिन सड़कों का निर्माण किया जाना है वह सामरिक महत्व की हैं। मार्च तक तो इन सड़कों का निर्माण पूरा करना असंभव ही है, ऐसे में यह योजना खटाई में भी पड़ सकती है।

विषम भौगोलिक स्थिति व नक्सल समस्या की बाधा

केंद्र सरकार ने छह जून 2022 को वामपंथी उग्रवाद प्रभावित (एलडब्ल्यूई) क्षेत्र के लिए सड़क संपर्क परियोजना फेज-2 के तहत 94 सड़कों व 65 पुलों के लिए 624.1 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी थी। सुरक्षा बल के अधिकारियों ने जमीनी सर्वे के पश्चात पाया कि दुर्गम भौगोलिक स्थितियों व नक्सल बाधा के चलते निर्धारित समयसीमा में यह काम संभव नहीं है। राज्य सरकार ने छह सितंबर 2022 को केंद्र को पत्र लिखकर परिस्थितियों का हवाला दिया और समयसीमा बढ़ाने की मांग की है।


हिड़मा के गांव तक बननी है सड़क-

एलडब्ल्यूई फेज-2 के तहत बस्तर संभाग के सातों जिलों के साथ ही राजनांदगांव, बालोद, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद, कवर्धा और बलरामपुर के दुर्गम क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण प्रस्तावित है। बस्तर संभाग के सुकमा व बीजापुर जिले की सड़कें कुख्यात नक्सल कमांडर हिड़मा के क्षेत्र तक पहुंचेंगी। बीजापुर जिले में सिलगेर से कोंडापल्ली, बासागुड़ा से पामेड़, उसूर से गलगम होते पामेड़, सुकमा जिले में चिंतलनार से मोरपल्ली, चिंतलनार से नागारास, पोलमपल्ली से अरकमपल्ली, कांकेरलंका से कोकवाड़ा, गादीरास, सोनाकुकानार होते हुए गोरली, कांकेर जिले में घुमका से कोेकवाड़ा सड़क का प्रस्ताव है।

बस्तर संभाग लोक निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर गोकुलराम रावटे ने कहा, नक्सल प्रभावित क्षेत्र की इन सड़कों के निर्माण के लिए अधिक समय की आवश्यकता है। छत्तीसगढ़ सरकार के लोक निर्माण विभाग के सचिव ने भारत सरकार को पत्र लिखकर समयावधि बढ़ाने का अनुरोध किया है। वहां से कोई उत्तर नहीं मिला है इसलिए निविदा आमंत्रित नहीं की जा सकी है।