
रायपुर (राजकुमार धर द्विवेदी)। Raipur column जोश में होश नहीं खोना है
कोरोना से डरना नहीं है, बल्कि उसे परास्त करना है। हम सब अगर सावधान रहेंगे तो कोरोना हमारा कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा। नया साल आने वाला है। यह संयम दिखाने का समय है। उत्साह से नया साल मनाइए। कुछ अच्छा करने का संकल्प लीजिए। जीवन में आगे बढ़िए। दोस्तों से सद्भाव रखिए। बस मास्क लगाए रहिए, शारीरिक दूरी बनाए रखिए। कोरोना के साथ ही नशे से भी दूर रहिए। कुछ लोग नशा करके नया साल मनाते हैं। यह बहुत ही गलत है। नशे में शरीर को तो नुकसान होता ही है, मन भी नियंत्रित नहीं रहता और अनिष्ट कराता है। अपनी और घर-परिवार की खुशी के लिए यह गांठ बांध लीजिए कि कतई नहीं भटकना है। जोश में होश नहीं खोना है। युवा साथी इसका पूरा ख्याल रखें। उम्मीद की जानी चाहिए कि नए साल में सब शुभ होगा। लोग खुश रहेंगे। आंखों में आंसू नहीं होंगे। उल्लासपूर्ण वातावरण रहेगा।
भिखारी की सीख
एक भिखारी मुझसे बड़ी आत्मीयता रखता है। पैसे दूं या न दूं, उसके व्यवहार में फर्क नहीं दिखाई देता। मुझे देखकर खुश हो जाता है। एक दिन मैं उससे मिला तो उसने कहा, 'नाक के बाल बाहर आ गए हैं, बाबू। आज घर जाना तो काट लेना।" मैं मुस्कराया और बोला, 'इतना ध्यान रखने के लिए धन्यवाद, भाई।" मैंने घर आकर शीशे में देखा, वाकई नाक के बाल खराब लग रहे थे। तुरंत उन्हें काटकर फेंका। घरवालों को भिखारी के बारे में बताया तो सब लोग खुश हुए। पत्नी कहने लगीं, 'कुछ लोग टोकाटाकी पसंद नहीं करते, इसलिए कमियां नहीं बताई जातीं। सामने वाला कमियां देखता जरूर है, लेकिन कहता नहीं। आजकल लोग छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद करने लगते हैं, इसलिए किसी को टोकना ठीक नहीं है।" बात सही है। जो अच्छी सीख देता है, उसकी बात कभी भी अन्यथा नहीं लेनी चाहिए, बल्कि खुद में सुधार करना चाहिए।
मीठी वाणी बोलिए, दिल में रहिए
नेतागण अक्सर जोश या भावना में बहकर अनर्गल बातें बोल जाते हैं। पिछले दिनों राज्यपाल पर कुछ कहते समय एक नेताजी की जुबान फिसल गई। फिर क्या था! विवाद होने लगा। इसके पहले राष्ट्रपति पर एक नेता अनर्गल बोल गए थे। कोई भी हो, उसका सम्मान करना चाहिए। वाणी पर संयम बहुत जरूरी है। अपनी बात कहने के लिए काफी सुंदर शब्द हैं। विरोध भी अच्छे शब्दों में किया जा सकता है। अच्छी वाणी से आपका व्यक्तित्व झलकता है। आप नपे-तुले, संयमित भाषा में अपनी बात रखिए, आपका सामने वाला भी पूरा सम्मान करेगा। जनता के बीच अच्छा संदेश जाएगा। कुछ नेता-अफसर अप्रिय वचन बोलकर सोचते हैं कि वे धाक जमा ले गए तो यह उनकी भूल है। लोग पद की गरिमा का ध्यान रखते हुए या डरवश भले ही कुछ न बोलें, लेकिन वाणी से विपन्न् व्यक्ति दिल में राज नहीं कर सकता। अच्छी वाणी रखिए, आपकी जय-जयकार होगी।
ठगों से बचकर रहें बेरोजगार युवा
बेरोजगारी अत्यंत कष्टप्रद होती है। इसी का फायदा बुरे लोग उठा रहे हैं। नौकरी के लिए भटकते युवा तमाम लोगों से मिन्न्त करते रहते हैं। कोई नौकरी लगवाने की गारंटी देता है तो वे उस पर आंख बंद करके भरोसा कर लेते हैं। उसे लाखों रुपये दे देते हैं। बदमाश लोग रुपये ठगने के बाद गायब हो जाते हैं। जब कभी मिलते भी हैं तो बहानेबाजी करने लगते हैं। रकम वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी तक देने लगते हैं। ऐसे बहुत-से बेरोजगार युवा हैं, जो ठगों के झांसे में आकर पछता रहे हैं। उनसे सबक लेना चाहिए और किसी को नौकरी लगवाने के नाम पर रकम नहीं देनी चाहिए। बेरोजगारों की स्थिति पर सरकार संवेदनशील हो। शीघ्र आरक्षण का विवाद खत्म कराए। सरकारी नौकरियों के लिए भर्ती के द्वार खोले जाएं। युवा कुछ अपना भी कारोबार करें, नौकरी के ही भरोसे न रहें। इससे परेशानी दूर होगी।