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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 18, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

SC Decision on OBC Reservation: मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण के साथ होंगे पंचायत और नगरीय निकाय के चुनाव

SC Decision on OBC Reservation: सुप्रीम कोर्ट ने कहा अधिकतम 50 प्रतिशत की सीमा के भीतर रहते हुए दिया जा सकता है आरक्षण।

By Prashant PandeyEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Wed, 18 May 2022 08:54:48 AM (IST)Updated Date: Wed, 18 May 2022 04:48:35 PM (IST)
SC Decision on OBC Reservation: मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण के साथ होंगे पंचायत और नगरीय निकाय के चुनाव

SC Decision on OBC Reservation: भोपाल, (राज्य ब्यूरो)। मध्य प्रदेश में पंचायत और नगरीय निकाय पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण के साथ होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को राज्य सरकार के पुनर्विचार आवेदन पर सुनवाई करते हुए राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग द्वारा किए गए ट्रिपल टेस्ट की रिपोर्ट को मान्य किया है। फैसले के मुताबिक आरक्षण किसी भी सूरत में पचास प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। अब नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत के चुनाव में ओबीसी के लिए जनसंख्या के हिसाब से अधिकतम 35 प्रतिशत सीट 50 प्रतिशत के आरक्षण की सीमा में रहते हुए आरक्षित की जा सकेंगी। आरक्षण की प्रक्रिया को एक सप्ताह के भीतर करने के आदेश राज्य सरकार को दिए गए हैं। वहीं, चुनाव 2022 के परिसीमन से कराने की मांग को भी मान लिया गया है।

10 मई को बिना ओबीसी आरक्षण के चुनाव कराने के दिए थे आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने दस मई को नगरीय निकाय और पंचायत के चुनाव जल्द कराने संबंधी जया ठाकुर और सैयद जाफर की याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग की रिपोर्ट को अधूरा मानते हुए बिना ओबीसी आरक्षण के चुनाव कराने के आदेश दिए थे। राज्य निर्वाचन आयोग से कहा गया था कि वह दो सप्ताह के भीतर चुनाव की अधिसूचना जारी करे। हाईकोर्ट या सिविल कोर्ट का कोई भी आदेश इसमें आड़े नहीं आएगा। साथ ही कहा था कि बिना ट्रिपल टेस्ट किए ओबीसी आरक्षण नहीं दिया जा सकता है।


याचिकाकर्ता सैयद जाफर ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर कहा कि यह संविधान की जीत है। ओबीसी आरक्षण का प्रविधान संविधान में है। हमने न्यायालय से मांग की थी कि पिछड़ा वर्ग को संविधान में प्रदत्त अधिकार मिलने चाहिए। जल्द चुनाव कराने की मांग पर प्रदेश सरकार को आरक्षण की प्रक्रिया जल्द करते हुए आयोग को चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं।

नए सिरे से करना होगा परिसीमन

राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग की सिफारिश के अनुरूप ओबीसी को आरक्षण देने के लिए नगरीय निकायों का आरक्षण नए सिरे से करना होगा। अभी 25 प्रतिशत आरक्षण के हिसाब से आरक्षण किया गया था। वहीं, त्रिस्तरीय पंचायत (ग्राम, जनपद और जिला) का आरक्षण होना है। इसमें नई व्यवस्था के तहत प्रक्रिया की जाएगी।

ऐतिहासिक निर्णय है, ओबीसी के साथ न्याय हुआ- भूपेन्द्र सिंह

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में आज सरकार को बड़ी सफलता मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने 2022 के परिसीमन के आधार पर चुनाव कराने और ओबीसी आरक्षण की मांग को मान लिया है। यह आदेश दिए हैं कि सरकार एक सप्ताह के अंदर ओबीसी आरक्षण करे। सुप्रीम कोर्ट ने पिछड़ा वर्ग के साथ न्याय किया है। कांग्रेस तो सिर्फ नाटक कर रही थी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का संकल्प था कि ओबीसी आरक्षण के आधार पर चुनाव हों, उसमें सफलता मिली है। सरकार ने पूरी गंभीरता के साथ न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष रखा।

मंत्री ने कहा यह मध्य प्रदेश सरकारी की बड़ी जीत

मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि ओबीसी आरक्षण को लेकर सरकार को बड़ी जीत मिली है। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि ओबीसी आरक्षण पर आज सत्य की जीत हुई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने अपनी बात को माननीय न्यायालय के समक्ष तथ्यों के साथ रखा। हमारे पक्ष को स्वीकार करने के लिए माननीय न्यायालय का बहुत-बहुत आभार। अब सरकार ओबीसी आरक्षण के साथ चुनाव में जाएगी।

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कांग्रेस और कमलनाथ जी हमेशा षड्यंत्र ही करते रहे, कभी भी उनकी नीयत ओबीसी को न्याय देने की नहीं थी। मैं आज पूछ रहा हूं कमलनाथ जी क्यों आपके एडवोकेट जनरल ओबीसी के लिए 27% आरक्षण की बात थी तो कोर्ट में खड़े नहीं हुए? कमलनाथ जी, अब ओबीसी बहुत समझदार है, आपने पाप किया है वह जान गया है।

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- Shivraj Singh Chouhan (@chouhanshivraj) 18 May 2022

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जिन्होंने पाप किया था, वह पराजित हुए हैं। पूरे आनंद के साथ ओबीसी आरक्षण के साथ चुनाव संपन्न होगा, और अब हम लोग चुनाव के मैदान में जा रहे हैं।

- Shivraj Singh Chouhan (@chouhanshivraj) 18 May 2022

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सर्वोच्च न्यायालय गए तो कांग्रेसियों ने कहा कि नहीं-नहीं, अब वह नहीं हो सकता है। आरक्षण की चिंता नहीं थी, भाजपा को कटघरे में खड़ा कर दिया। संतोष की बात है कि सर्वोच्च न्यायालय ने ओबीसी आरक्षण के साथ चुनाव कराने का फैसला दिया है। हम फैसले का स्वागत करते हैं।

- Shivraj Singh Chouhan (@chouhanshivraj) 18 May 2022

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माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने निकाय वार रिपोर्ट मांगी, हमने निकाय वार भी रिपोर्ट तैयार की और वह रिपोर्ट सर्वोच्च न्यायालय में प्रस्तुत की। कांग्रेस के लोग खुशियां मनाते रहे कि अब ओबीसी आरक्षण नहीं होगा, भाजपा को कटघरे में खड़ा करने का मौका मिलेगा।

- Shivraj Singh Chouhan (@chouhanshivraj) 18 May 2022

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हमने हरसंभव प्रयास किया, कोई कसर नहीं छोड़ी। ट्रिपल टेस्ट के लिए, हमने ओबीसी आयोग का गठन किया। ओबीसी आयोग ने पूरे प्रदेश का दौरा किया, गांव-गांव घूम आए, व्यापक सर्वे किया और उन तथ्यों के आधार पर जो रिपोर्ट बनाई, हमने वो रिपोर्ट माननीय सर्वोच्च न्यायालय में प्रस्तुत की।

- Shivraj Singh Chouhan (@chouhanshivraj) 18 May 2022

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हमने यही कहा था कि हम चुनाव चाहते हैं, लेकिन ओबीसी आरक्षण के साथ। कांग्रेस ने पाप किया था, चुनाव होने नहीं दिया;उन्होंने ओबीसी आरक्षण के साथ। फिर कांग्रेस के लोग ही माननीय सर्वोच्च न्यायालय गए थे, जिसके कारण यह फैसला हुआ था कि ओबीसी आरक्षण के बिना ही चुनाव होगा।

- Shivraj Singh Chouhan (@chouhanshivraj) 18 May 2022

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आज का दिन ऐतिहासिक दिन है और मैं अभिभूत हूं। ||सत्यमेव जयते|| माननीय सर्वोच्च न्यायालय को मैं प्रणाम करता हूं। आज मुझे यह कहते हुए संतोष है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने ओबीसी आरक्षण के साथ चुनाव कराने का फैसला दिया है। अब पूरे आनंद के साथ ओबीसी आरक्षण के साथ चुनाव संपन्न होगा।

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- Shivraj Singh Chouhan (@chouhanshivraj) 18 May 2022

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सत्य की जीत हुई है। माननीय सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश में स्थानीय निकाय के चुनाव ओ.बी.सी. आरक्षण के साथ कराए जाने के पक्ष में फैसला दिया है। भाजपा सरकार ने पहले ही ओबीसी आरक्षण के साथ ही चुनाव कराने की तैयारी शुरू कर दी थी, किंतु कांग्रेस कोर्ट गई और चुनाव में रोड़े अटकाए। हमारी नीति और नियत दोनों साफ है इसीलिए हमें यह सफलता मिली है। मध्यप्रदेश सरकार के पक्ष में फैसला आने पर ओबीसी वर्ग और माननीय मुख्यमंत्री जी को बहुत-बहुत बधाई और माननीय सर्वोच्च न्यायालय का हार्दिक आभार!

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- Kamal Patel (@KamalPatelBJP) 18 May 2022

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