
यातायात दबाव के कारण उखड़ी सड़क, एनएचएआई नहीं कर रहा मेंटेनेंस
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एनएच 547 की हालत जर्जर, जगह जगह गड्ढे होने से सड़क पर चलना हुआ दूभर
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सिंगोड़ी के पास सड़क पर गड्ढे में भर गया पानी
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गह जगह गड्ढे होने से मुसाफिर हो रहे परेशान
छिंदवाड़ा। पांच साल पहले नेशनल हाइवे का जाल बिछने से जिले की गूंज प्रदेश और देश में हुई, कमल नाथ को मुख्यमंत्री और सांसद बनाने में भी एनएच की सड़कों का निर्माण एक अहम कारक रहा। आज छिंदवाड़ा से नरसिंहपुर तक नेशनल हाइवे 547 की सड़क बदहाली के आंसू बहा रही है। नेशनल हाइवे अथारिटी ऑफ इंडिया, एनएचएआई सड़क मेंटेनेंस पर ध्यान नहीं दे रही है, वहीं हालत ये है कि जगह जगह से सड़क उधड़ गई है। छिंदवाड़ा से नरसिंहपुर का सफर 125 किमी का है, जिसे तय करने में अमूमन दो घंटे से भी कम समय लगते हैं, लेकिन वर्तमान में हालत ये है कि तीन से चार घंटे में ये सफर पूरा हो रहा है। जगह जगह बड़े बड़े गड्ढे होने से ये आए दिन हादसे हो रहे हैं, यही नहीं वाहन भी खराब हो रहे हैं, गौरतलब है कि 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले सद्भावाना कंस्ट्रक्शन ने इस सड़क का निर्माण किया था, लेकिन वर्तमान में ये नेशनल हाईवे ग्रामीण सड़क से भी बदतर हालत में है। छिंदवाड़ा से नरसिंहपुर तक 125 किमी के सफर में जगह जगह सिर्फ गड्ढे ही नजर आते हैं, लेकिन इस सड़क का मेंटेनेंस करने की तरफ भी एनएचएआई प्रबंधन प्रयास नहीं कर रहा है। स्थानीय प्रशासन भी सड़क की बदहाली को लेकर असहाय ही नजर आ रहा है। हालत ये है कि इस मार्ग से गुजरने वाले लोग अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं।
पांच साल में हालत हुई जर्जर
तत्कालीन भूतल परिवहन मंत्री कमल नाथ ने विशेष प्रयास कर 40 किमी सर्किल में 12 सौ करोड़ की लागत से रिंग रोड और जिले को जोड़ने वाले दो नेशनल हाइवे बनवाए थे, एनएच 547 छिंदवाड़ा से नरसिंहपुर होते हुए सागर की तरफ जाता है। सौंसर से शुरू होकर 221 किमी छिंदवाड़ा होते हुए नरसिंहपुर तक जाता है। इस लिहाज से इसकी गिनती बेहतरीन सड़कों में हुआ करती थी, लेकिन अब समय बीतने के साथ ही ये सड़क लगातार दुर्दशा की शिकार हो रही है। पहले कंपनी द्वारा लगातार मैंटनेंस का काम भी किया गया, लेकिन अब इस ओर भी कोई ध्यान नहीं दे रहा है। लोकसभा चुनाव में भी इसे लेकर काफी चर्चा रही। छिंदवाड़ा से लेकर सिंगोड़ी तक तो हालत ये है कि हर कदम पर यहां सिर्फ गड्ढे ही नजर आ रहे हैं। हालत ये है कि 25 किमी का ये सफर तय करना किसी बड़ी चुनौती से कम ही नहीं है। हाल ही में एक बाइक सवार गड्ढे में गिरने से बुरी तरह से जख्मी हो गया था जिसके कारण उसकी नाक की हड्डी टूट गई थी, लेकिन इसके बाद भी अब तक कोई सुधार कार्य नहीं हुआ है। स्थानीय युवाओं ने गड्ढे भरने की अपनी तरफ से व्यवस्था की थी, लेकिन ये व्यवस्था भी पर्याप्त नहीं रही। जिसके कारण आए दिन यहां सड़क हादसे हो रहे हैं। वहीं दूसरी एनएचएआई प्रबंधन भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। फिलहाल जान जोखिम में डालकर मुसाफिर सफर करने को मजबूर हैं।
इनका कहना है
केंद्रीय मंत्री रहते हुए कमल नाथ ने जिलेवासियों को नेशनल हाइवे की सौगात दी, लेकिन अब ये सड़क जर्जर है। जल्द ही इसका सुधार कार्य हो ताकि आमजन को राहत मिल सके।
गंगाप्रसाद तिवारी, जिला अध्यक्ष कांग्रेस
इस बारे में लगातार शिकायत मिल रही है। ये एनएचएआई के कार्यक्षेत्र में है, इस बारे में अवगत कराया गया है।
सौरभ सुमन, कलेक्टर