
कांग्रेस विधायक के फर्जी हस्ताक्षर कर विधानसभा में लगाया ध्यानाकर्षण प्रश्न, अरेरा हिल्स थाने में एफआइआर-00
विधायक ने कहा- जुलाई 2019 में लिखित शिकायत की थी
दतिया जिले की शासकीय भूमि पर अतिक्रमण से जुड़ा था प्रश्न,
भोपाल। नवदुनिया प्रतिनिधि
दतिया जिले के सेवड़ा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक घनश्याम सिंह के फर्जी हस्ताक्षर कर उनके नाम से विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रश्न लगाए जाने के मामले में शनिवार रात भोपाल के अरेरा हिल्स थाने में अज्ञात आरोपित के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। ज्ञात हो कि विधायक के फर्जी हस्ताक्षर कर दतिया जिले की शासकीय भूमि पर अतिक्रमण से संबंधित प्रश्न पूछा गया था। 14 माह पहले विधायक को इसकी जानकारी लगी थी, जिसके बाद उन्होंने विधानसभा सचिव के समक्ष लिखित में शिकायत की थी। पहले विधानसभा अधिकारियों ने अपने स्तर पर इसकी जांच की, जिसके बाद भोपाल पुलिस के अधिकारियों को इस प्रकरण से संबंधित पत्र लिखा। इसके बाद मामले में एफआइआर दर्ज हुई है। इस घटना ने विधायकों द्वारा प्रश्न पूछे जाने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एएसपी रजत सकलेचा के अनुसार विधानसभा की ओर से एक पत्र आया था। इसमें कांग्रेस विधायक घनश्याम सिंह के नाम से अज्ञात आरोपित ने विधानसभा में ध्यानाकर्षण फार्म भरकर जमा किया था, उसमें विधायक के फर्जी हस्ताक्षर किए थे। प्रश्न में जिस भाषा का उल्लेख था, वह भी अशोभनीय थी।
जानकारी हो चुकी थी तैयार
विधायक घनश्याम सिंह ने बताया कि उन्हें जुलाई 2019 में मामले की जानकारी लगी थी। यह ध्यानाकर्षण प्रश्न दतिया जिले के सिविल लाइन थाने के सामने शासकीय भूमि पर अतिक्रमण को लेकर था। इसमें सिल्लम साहू और बबलू यादव पर शासकीय भूमि पर अतिक्रमण करने का आरोप लगाया था। दतिया जिले में प्रश्न की जानकारी तैयार हो चुकी थी, तब विभाग के एक अधिकारी ने मुझे यह जानकारी दी। मैंने जब प्रश्न के दस्तावेज देखे तो उस पत्र की भाषा मेरी नहीं थी और हस्ताक्षर भी मेरे नहीं थे। इसके बाद विधानसभा में शिकायत की। फरवरी 2020 में विधानसभा के अफसर ने बताया कि जांच पूरी हो गई है। इसके बाद मैंने ही इस मामले को पुलिस को सौंपने को कहा था, लेकिन सरकार बदल गई और कोरोना संक्रमण फैल गया, इस कारण मामले में एफआइआर होने में समय लगा। विधायक का कहना है कि ध्यानाकर्षण का फार्म विधानसभा से ही मिलता है। प्रश्न के लिए कभी विधायकों के पास भी फार्म भेज दिए जाते हैं। किसी ने फार्म प्राप्त किया और उस पर प्रश्न लिखा और हस्ताक्षर कर दिए। अगर मुझे दतिया जिले के संबंधित विभाग से जानकारी नहीं मिलती तो ध्याानाकर्षण प्रश्न भी उठ सकता था।
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