
250 पथरीली पहाड़ियों पर लहलहाए वृक्ष-
11 साल पहले लगाए पौधे, संकल्प लेकर पुत्र की तरह पाला
आनंद दुबे। नवदुनिया प्रतिनिधि
दस साल पहले जहां पथरीली पहाड़ियां थी, वहां चारों ओर आज हरियाली नजर आती है, जिन पौधों को पुत्र माना और पोषण किया, वे आज वृक्ष बन गए हैं। हरियाली से आच्छादित पहाड़ियां संदेश दे रही हैं कि दृढ़ निश्चय हो तो कोई काम असंभव नहीं। प्रकृति से अनूठे प्रेम का ये उदाहरण गायत्री शक्ति पीठ से जुड़े लोगों ने पेश किया है। इन्होंने साल 2009 में प्रदेश के विभिन्न इलाकों में 250 निर्जन पहाड़ियों पर पौधारोपण का सिलसिला शुरू किया था। इनके द्वारा लगाए गए पौधे अब वृक्ष बनकर पर्यावरण संरक्षण के लिए किए गए प्रयासों को सार्थक कर रहे हैं।
11 साल में एक लाख पौधे लगाए
गायत्री शक्ति पीठ से संबद्घ वृक्ष गंगा अभियान के प्रदेश प्रभारी मनोज तिवारी बताते हैं कि श्रद्घेय प्रणव पंड्या की प्रेरणा से वर्ष 2009 में शाजापुर में हुए चेतना शिविर से पौधारोपण का संकल्प लिया था। शुरुआत बुरहानपुर के देवरी गांव की पथरीली पहाड़ी से थी, जिसके बाद संगठन से जुड़े लोगों के सहयोग से प्रदेश के 20 जिलों में 250 निर्जन पहाड़ियों पर पौधारोपण किया। पौधे लगाने से पहले जनसहयोग से प्रति व्यक्ति 151 रुपये दक्षिणा स्वरूप लिए। इस राशि से पौधे की सुरक्षा व सिंचाई की व्यवस्था की। 11 वर्ष में अब तक लगभग एक लाख पौधे लगा चुके हैं। सिवनी, जबलपुर, शाजापुर, अलीराजपुर, बड़वानी, छिंदवाड़ा आदि जिलों में निर्जन पहाड़ियों पर अब वृक्ष लहलहाने लगे हैं। संगठन की जिला समिति इसकी देखरेख कर रही है।
संकल्प दिलाकर गोद में रखते हैं पौधा
भोपाल में वृक्ष गंगा अभियान से जुड़े रमेश नागर बताते हैं कि जो भी व्यक्ति पौधा लगाना चाहता है, उसे पौधे को बेटा तुल्य मानने का संकल्प दिलाकर पौधे को गोद में दे दिया जाता है, उस स्थान पर अग्निहोत्र के माध्यम से माता गायत्री, धरती, आकाश, जल, वायु देवताओं के नाम से आहुतियां दी जाती हैं। फिर पौधा रोपते हैं। वात्सल्य पाकर पौधा कुछ समय में वृक्ष का रूप लेने लगता है।
फोटो कैप्शन
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भोपाल। बुरहानपुर के देवरी गांव की पथरीली पहाड़ी पर वर्ष 2010 में हुआ था पौधारोपण।
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भोपाल। पौधारोपण के बाद वर्तमान में पथरीली पहाड़ी की जगह चारों ओर हरियाली नजर आती है। वहां लहलहा रहे वृक्ष।
फोटो- मनोज तिवारी द्वारा उपलब्ध कराए गए।