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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 06, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कोलकाता के गेंदा के फूलों से विदिशा के किसान चमका रहे किस्मत

कोलकाता के गेंदा के फूलों से विदिशा के किसान चमका रहे किस्मत- राजेंद्र शर्मा। विदिशा कोलकाता के गेंदा के फूलों से विदिशा के किसान अपनी किस्मत चमका रहे...और पढ़ें

By Nai Dunia News NetworkEdited By: Nai Dunia News Network
Publish Date: Tue, 06 Oct 2020 04:07:44 AM (IST)Updated Date: Tue, 06 Oct 2020 04:07:44 AM (IST)
कोलकाता के गेंदा के फूलों से विदिशा के किसान चमका रहे किस्मत

कोलकाता के गेंदा के फूलों से विदिशा के किसान चमका रहे किस्मत-

राजेंद्र शर्मा। विदिशा

कोलकाता के गेंदा के फूलों से विदिशा के किसान अपनी किस्मत चमका रहे हैं। फूलों की पैदावार के साथ मुनाफे में भी वृद्धि हुई है। ग्राम निमखिरिया मेहरबान सिंह कुशवाह ने दो साल पहले कोलकाता से गेंदा फूलों की पौध मंगाकर खेती की, जिसके बाद उन्हें दोगुना लाभ हुआ। कुशवाह ने बताया कि परिवार में शुरू से ही फूलों की खेती की जाती रही है। इसके लिए वह कई बार अलग-अलग प्रकार के फूलों की खेती कर चुके हैं, लेकिन इसमें सीमित आय होती थी। कोलकाता के गेंदा के फूलों की पौध लगाने के बाद कमाई बढ़ गई। इस साल लॉकडाउन में पौध नहीं मंगा सके तो सूखे फूलों के बीज को खेत में डालकर पौध तैयार की। इस पौध के 90 फीसद पौधे जीवित हैं। कुशवाह बताते हैं कि स्थानीय गेंदे की किस्म में फूलों की पैदावार कम थी। कोलकाता की पौध से पैदावार के साथ-साथ फूलों का आकार भी बढ़ा है। प्रतिदिन 500 रुपये से ज्यादा के गेंदा फूलों की बिक्री होती है। स्थानीय गेंदा की फूलों की पंखुड़ी जरा सा पानी लगने पर खराब हो जाती है, और अधिकतम साल में तीन माह ही फसल ले पाते हैं, जबकि कोलकाता के फूल चार से पांच दिन तक खराब नहीं होते। वहीं पैदावार अधिक होने के साथ ही सात से आठ महीने तक फसल ली जा सकती है।

अन्य किसान भी करने लगे खेती

कुशवाह कि फसल देखने के बाद आसपास के गांव बावचिया, जीवजीपुर च-, आमखेड़ा सूखा के किसान भी इसी फूल की खेती करने लगे हैं। कुशवाह ने अभी आधा बीघा में फूलों की खेती शुरू की है। अगले साल वे तीन बीघा में खेती करने की बात कह रहे हैं। ग्राम बावचिया के किसान पूरनसिंह कुशवाह का कहना था कि नई किस्म के फूलों की खेती फायदेमंद साबित हो रही है। जिला उद्यानिकी अधिकारी केएल व्यास का कहना है कि जिले में अभी 20 हेक्टेयर में ही फूलों की खेती हो रही है। धीरे-धीरे फूलों की खेती का रकबा बढ़ने लगा है। सबसे अधिक गेंदे के फूलों की खेती ही की जाती है।


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विदिशा। गेंदे के फूल की खेती करता निमखिरिया का किसान मेहरबानसिंह कुशवाह। नवदुनिया