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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 06, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

चीन की जगह स्वदेशी वस्तुएं बेचने करेंगे जागरूक, कैट ने शुरू किया देशव्यापी 'व्यापार स्वराज्य' अभियान

चीन की जगह स्वदेशी वस्तुएं बेचने करेंगे जागरूक, कैट ने शुरू किया देशव्यापी 'व्यापार स्वराज्य' अभियान- - देश के 40 हजार से ज्यादा व्यापारिक संगठनों की ...और पढ़ें

By Nai Dunia News NetworkEdited By: Nai Dunia News Network
Publish Date: Tue, 06 Oct 2020 04:07:47 AM (IST)Updated Date: Tue, 06 Oct 2020 04:07:47 AM (IST)
चीन की जगह स्वदेशी वस्तुएं बेचने करेंगे जागरूक, कैट ने शुरू किया देशव्यापी 'व्यापार स्वराज्य' अभियान

चीन की जगह स्वदेशी वस्तुएं बेचने करेंगे जागरूक, कैट ने शुरू किया देशव्यापी 'व्यापार स्वराज्य' अभियान-

- देश के 40 हजार से ज्यादा व्यापारिक संगठनों की मदद, मध्य प्रदेश में भी शुरुआत

भोपाल। नवदुनिया प्रतिनिधि

खुदरा व्यापार को बढ़ावा देने और चीनी की जगह स्वदेशी वस्तुएं बेचने के लिए कंफेडरेशन आफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने देशव्यापी 'व्यापार स्वराज्य' अभियान की शुरुआत की है। देश के 40 हजार से ज्यादा व्यापारिक संगठनों की मदद से व्यापारियों को स्वदेशी वस्तुएं बेचने और ग्राहकों को खरीदने के लिए जागरूक किया जाएगा। मध्य प्रदेश में भी बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया गया है। इसके लिए प्रत्येक छोटे-बड़े संगठनों को भागीदार बनाया जा रहा है, ताकि चीनी वस्तुएं पूरी तरह से भारतीय बाजार से गायब हो जाएं। ई-कामर्स की देशी-विदेशी कंपनियों को लेकर भी पालिसी बनाने को लेकर सरकार के समक्ष मांग उठाई गई है ताकि इस माध्यम से भी चीनी वस्तुओं की खरीद-बिक्री न हो सके।

अभियान 15 अक्टूबर तक चलेगा। इसमें न सिर्फ ग्राहकों को स्वदेशी वस्तुओं की खरीद के लिए जागरूक किया जाएगा, बल्कि व्यापारियों से भी वे चीन की बनी वस्तुओं की बिक्री नहीं करने के लिए अपील की जाएगी। बता दें कि भारत-चीन सीमा विवाद के बाद जून-जुलाई में देश के साथ प्रदेश में भी चीनी वस्तुओं का बहिष्कार किया था। खुदरा बाजार में इन वस्तुओं की खरीद-बिक्री पहले की तुलना में 90 फीसद तक कम हो गई है, लेकिन ई-कामर्स कंपनियों पर चीनी वस्तुएं बेची जा रही हैं, इसलिए स्वदेशी वस्तुओं को बढ़ावा देने कैट ने अभियान की शुरुआत की है।


सरकार के समक्ष रखी 16 मांगें

देशव्यापी अभियान के तहत कैट ने ई-कामर्स कंपनियों के लिए पालिसी बनाने, भारत से चीनी वस्तुओं की निर्भरता खत्म करने और स्वदेशी बाजार को सशक्त करने के लिए 16 सूत्रीय मांगें केंद्र सरकार के समक्ष रखी हैं। इनमें ई-कॉमर्स व्यापार के लिए तुरंत पालिसी जारी करने, ई-कॉमर्स व्यापार पर नजर रखने के लिए एक रेगुलेटरी अथारिटी का गठन करने, घरेलू व्यापार के लिए एक राष्ट्रीय व्यापार नीति की घोषणा करने, राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड का तुरंत गठन करने, जीएसटी कानून की दोबारा समीक्षा कर उसे सरल बनाने, सभी प्रकार के लाइसेंस निरस्त कर एक लाइसेंस की व्यवस्था करने, व्यापारियों को आसान शर्त पर बैंकों से कर्ज देने सहित अन्य मांगे शामिल हैं।

- ई-कामर्स कंपनियों के साथ देश के करोड़ों व्यापारियों की आर-पार की लड़ाई है। इसलिए कंपनियों को लेकर पालिसी जारी करने एवं स्वदेशी वस्तुओं को बढ़ावा देने के लिए देशव्यापी अभियान की शुरुआत की है। ताकि चीन पर निर्भरता खत्म हो जाए। यह राष्ट्रव्यापी अभियान है। मध्य प्रदेश में भी इसे शुरू किया है।

भूपेंद्र जैन, अध्यक्ष कैट मप्र