• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • भोपाल

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 06, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

प्रदेश के स्कूलों में अभी नहीं लगेंगी नियमित कक्षाएं

प्रदेश के स्कूलों में अभी नहीं लगेंगी नियमित कक्षाएं- मप्र स्कूल शिक्षा विभाग दीपावली के बाद स्कूल खोलने के बारे में तय करेगा भोपाल। नवदुनिया प्रतिनिध...और पढ़ें

By Nai Dunia News NetworkEdited By: Nai Dunia News Network
Publish Date: Tue, 06 Oct 2020 06:42:37 PM (IST)Updated Date: Tue, 06 Oct 2020 06:42:37 PM (IST)
प्रदेश के स्कूलों में अभी नहीं लगेंगी नियमित कक्षाएं

- मप्र स्कूल शिक्षा विभाग दीपावली के बाद स्कूल खोलने के बारे में लेगा फैसला

भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। केंद्र सरकार ने 15 अक्टूबर से स्कूल खोलने को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। केंद्र ने सभी राज्यों को फैसला लेने के लिए कहा है।

केंद्र की गाइडलाइन के मुताबिक ही राज्यों को मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने होंगे। हालांकि, इसे लेकर मप्र स्कूल शिक्षा विभाग ने अभी कोई गाइडलाइन तैयार नहीं की है। प्रदेश में जिस एसओपी के आधार पर 21 सितंबर से 9वीं से 12 वीं तक के स्कूल संचालित हो रहे हैं। इसी आधार पर स्कूलों का संचालन होगा। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी पहली से आठवीं तक के स्कूल खोलने की कोई संभावना नहीं है। 9वीं से 12वीं तक के स्कूलों में भी नियमित कक्षाएं नहीं लगेंगी, बल्कि आंशिक कक्षाएं ही संचालित होंगी। दीपावली के बाद कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए मिडिल और हाइस्कूल व हायर सेकंडरी स्कूल खोलने पर विचार होगा। इस दौरान नई एसओपी तैयार की जाएगी। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग के उप सचिव प्रमोद सिंह ने बताया कि जिस एसओपी के तहत वर्तमान में स्कूल संचालित हो रहे हैं, उसी के मुताबिक स्कूल लगेंगे। बच्चों को स्कूल भेजने के लिए अभी सिर्फ पांच फीसद अभिभावकों के सहमति पत्र मिले हैं। ऐसे में स्कूलों में नियमित कक्षाएं नहीं लग पाएंगी।