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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 14, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रोजगार सहायकों की हड़ताल से हितग्राही हो रहे परेशान

- अधिकारी पर कार्रवई सहित अन्य मांगों को लेकर कर रहे हैं प्रदर्शन सौंसर (नवदुनिया न्यूज)। ग्राम पंचायत के रोजगार सहायकों की कलम बंद हड़ताल 9 सितंबर से ...और पढ़ें

By Nai Dunia News NetworkEdited By: Nai Dunia News Network
Publish Date: Mon, 14 Sep 2020 04:08:39 AM (IST)Updated Date: Mon, 14 Sep 2020 04:08:39 AM (IST)
रोजगार सहायकों की हड़ताल से हितग्राही हो रहे परेशान

- अधिकारी पर कार्रवई सहित अन्य मांगों को लेकर कर रहे हैं प्रदर्शन

सौंसर (नवदुनिया न्यूज)। ग्राम पंचायत के रोजगार सहायकों की कलम बंद हड़ताल 9 सितंबर से जारी है। 59 ग्राम पंचायतों के रोजगार सहायक अपने कार्य से दूर रहकर कलमबंद हड़ताल पर हैं। रोजगार सहायकों के द्वारा कार्य नहीं करने के चलते जनपद पंचायत के अंतर्गत संचालित होने वाली पेंशन मनरेगा, ट्रिपल एसएम, सामूहिक सुरक्षा पेंशन, पीएम आवास, राशन वितरण आदि योजनाओं का काम प्रभावित हो गया है। ग्राम पंचायतों में अपनी समस्या लेकर पहुंच रहे ग्रामीणों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।

9 सितंबर को सहायक सचिव संघ के द्वारा सौंसर जनपद पंचायत सीईओ के नाम ज्ञापन सौंपकर ग्राम पंचायत बांनाबागोड़ा की रोजगार सहायक को पुनः अपने कार्य पर वापस बहाली करने की मांग की थी, परंतु 4 दिन का समय गुजरने के बाद में अब तक प्रशासन की ओर से रोजगार सहायक को बहाल नहीं किया गया है, जिसके चलते रोजगार सहायकों का यह कलमबंद आंदोलन जारी है। मध्यप्रदेश पंचायत सहायक रोजगार संगठन के पदाधिकारी संदीप ठाकरे, गणेश मनमोड़े, राकेश राउत, प्रमोद सोमकुंवर, शेषराव चौधरी, शिवराम धुर्वे, रोशना गजभिये ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा दोषियों एवं बड़े कर्मचारियों को छोड़कर रोजगार सहायक पर सेवा बहाली की कार्रवाई की गई है, यह सरासर गलत है। 59 ग्राम पंचायतों के रोजगार सहायकों की कलम बंद हड़ताल जारी है।


ये है मामलाः

जानकारी के अनुसार 2 सितंबर को जनपद कार्यालय से एक आदेश जारी हुआ, जिसमें ग्राम पंचायत बानाबागोड़ा निवासी कुसुम यमदे की मौत 6 अगस्त को हुई थी, मृतक के परिवार के द्वारा मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल योजना के तहत सहायता राशि पंजीयन सत्यापन के उपरांत सहायता राशि प्रदान किया जाना था, किंतु ग्राम पंचायत द्वारा मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल योजना में आवेदक का आधार कार्ड नहीं होने के कारण अपात्र किया गया, पहले योजना शुरू हुई थी। इसमें जिम्मेदार सत्यापन अधिकारी के द्वारा आधार कार्ड नहीं होने पर भी उसका पंजीयन पोर्टल दिया गया था, बाद में बानाबागोड़ा की रोजगार सहायक पर एक तरफा कार्रवाई कर दी जबकि रोजगार सहायक किसी भी योजना के संचालन के लिए सर्वे सर्वा नहीं होती है, इसमें पीसीओ सचिव पटवारी के द्वारा सत्यापित और आदेशित किए जाने के बाद ही रोजगार सहायक के द्वारा फीडिंग का कार्य किया जाता है।

बानाबागोड़ा रोजगार सहायक मामले में पूर्व में जांच हो चुकी है, जिसमें रोजगार सहायक को दोषी पाया गया है, इसीलिए कार्रवाई की गई है।

- डीके करपे सीईओ, जनपद पंचायत सौसर।

मॉडल एक्ट के खिलाफ विधानसभा में आवाज उठाने की मांग

सौंसर। राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ मध्यप्रदेश शाखा की ओर से विधायक विजय चौरे को उनके निवास स्थान पर ज्ञापन दिया गया। इसमें मांग की गई कि कृषि उपज मंडी को लेकर लाए गए मॉडल एक्ट को लेकर विधानसभा में मतदान कराया जाए। इस दौरान विधायक इस एक्ट के विरोध में मतदान करें।

राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ मध्यप्रदेश के पुरुषोत्तम गजभिए ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार एवं प्रदेश सरकार जो कृषि अध्यादेश एवं राज्य सरकार मॉडल एक लेकर आई है वह किसानों को परेशान करने वाला है। किसानों एवं मंडी कर्मचारियों से बिना विचार विमर्श किए राज्य सरकार ने हड़बड़ी में मॉडल एक को लागू कर दिया है। इसके तहत प्राइवेट मंडियों को जोड़ा जाएगा। कंपनियों बड़े व्यापारियों के दबाव में एक ही साथ मॉडल तैयार करने की जल्दबाजी सरकार ने दिखाई है। यह एक्ट किसानों के लिए दुखदाई साबित होने वाला एक्ट है। सरकार के द्वारा किसानों एवं मंडी कर्मचारियों को नुकसान पहुंचाने वाले इस एक्ट को तत्काल वापस लेना चाहिए, किसान नेता श्री गजभिए के द्वारा विधायक विजय चौधरी से किसान विरोधी इस कानून को खिलाफ विधानसभा में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने और कृषि मंत्री के सामने आवाज उठाने की मांग की है।