• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • छिंदवाड़ा

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 28, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आर्थिक तंगी झेल रहा विश्वविद्यालय प्रबंधन

कुलपति के वाहन का एक साल से नहीं हुआ भुगतान, पीजी कॉलेज की लाइब्रेरी भी करनी होगी खाली नोटः फोटो एक कालम ही लगाएं फोटो 8 छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय परिसर ...और पढ़ें

By Nai Dunia News NetworkEdited By: Nai Dunia News Network
Publish Date: Mon, 28 Sep 2020 04:08:37 AM (IST)Updated Date: Mon, 28 Sep 2020 04:08:37 AM (IST)
आर्थिक तंगी झेल रहा विश्वविद्यालय प्रबंधन

कुलपति के वाहन का एक साल से नहीं हुआ भुगतान, पीजी कॉलेज की लाइब्रेरी भी करनी होगी खाली

नोटः फोटो एक कालम ही लगाएं

फोटो 8

छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय परिसर

छिंदवाड़ा। पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ के कार्यकाल में छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय की जोर शोर से शुरुआत हुई थी, लेकिन प्रदेश में सरकार बदलते ही विश्वविद्यालय आर्थिक संकट से घिर चुका है। हालत ये है कि जिस चौपहिया वाहन को कुलपति एमके श्रीवास्तव ने किराए पर लिया था, उस वाहन का किराया ही एक साल से नहीं आया है, जिसके बाद वाहन के ठेकेदार ने वाहन भेजना ही बंद कर दिया है, वहीं दूसरी बड़ी समस्या विश्वविद्यालय कैंपस की है। पीजी कॉलेज की लाइब्रेरी में फिलहाल छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय संचालित हो रहा है, लेकिन अब कॉलेज प्रबंधन लाइब्रेरी भी वापस मांग रहा है, जबकि दूसरी ओर नेर के पास जो 28 एकड़ जमीन विश्वविद्यालय के लिए आवंटित की गई थी, वहां अभी निर्माण कार्य ठीक ढंग से शुरू भी नहीं हुआ है। ऐसे में विश्वविद्यालय की अपनी इमारत तीन साल से पहले बनकर तैयार होना मुश्किल है। ऐसे में वित्तीय संकट को लेकर विश्वविद्यालय प्रबंधन काफी चिंतित है। कुलसचिव राजेंद्र मिश्रा के मुताबिक प्रदेश सरकार से अनुदान नहीं आने से वित्तीय व्यवस्था लड़खड़ा गई है। वहीं कोरोना संक्रमण के कारण फीस और अन्य रकम फिलहाल विश्वविद्यालय प्रबंधन को नहीं मिल पा रही है। जिसके कारण ये स्थिति बनी है।

400 करोड़ रुपये हुए थे स्वीकृत

पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ और सांसद नकुल नाथ ने छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय को प्राथमिकता के साथ शुरू करवाया था, जिसका मुख्य उद्देश्य था कि छिंदवाड़ा के छात्रों को दूसरे विश्वविद्यालय पर निर्भर नहीं रहना पड़े। वहीं दूसरी ओर 400 करोड़ रुपये विश्वविद्यालय निर्माण और अन्य काम के लिए भी स्वीकृत किए गए थे, जिसके बाद अब फंड की कमी होने लगी है। छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय से छिंदवाड़ा के अलावा बैतूल, सिवनी और बालाघाट के जिले के कॉलेज भी संबद्ध हैं। लिहाजा इस स्थिति का असर भी निश्चित रूप से काफी पड़ेगा।


वर्जन

विश्वविद्यालय प्रबंधन आर्थिक संकट से जूझ रहा है। विश्वविद्यालय की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है। वहीं दूसरी ओर शासन की ओर से भी अभी तक राशि नहीं मिली है।

राजेंद्र मिश्रा, कुलसचिव छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय

---

सांवरी मंडल की कार्यकारिणी घोषित, अरविंद अध्यक्ष बने

छिंदवाड़ा। भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष विवेक बंटी साहू ने भाजपा सांवरी मंडल की कार्यकारिणी घोषित की। जिसमें सांवरी मंडल अध्यक्ष अरविंद सूर्यवंशी, उपाध्यक्ष रामेश्वर महादुले, अमित चौरसिया, छगनलाल डेहरिया, ललिता सोलंकी, ममता मधुकर कुडापे, दयाराम विश्वकर्मा और महामंत्री भगवानदास घागरे, धरमराज कुमरे, मंत्री कैलाश मांदरेकर, हरिराम पटेल, बिंदु लालसिंह बट्टी, सनोताबाई सुमरलाल बनके, विनोद वस्त्राने, रामदास डिगरसे, कोषाध्यक्ष मनोज भादे को नियुक्त किया है। मंडल कार्यकारिणी सदस्य सिरजलाल परतेती, दिलीप खौसी, आनंद डेहरीया, मोनु अनिल पवार, रमेश पटवारी, सुनील साहू, ईदु खान, कुवरलाल चिकाने, अर्जुन ठाकरे, प्रहलाद डोबारे, निलेश कायदा, प्रकाश सिंह ठाकुर, भीम सोनकुंवर, सुनील चंद्रवंशी, राजकुमार साहू, जगदीश उइके, रायसिंग फलके, उज्जन अहाके, लखन राजभोपा, रामनाथ वाडीवा, अगनलाल पंद्राम, परमानंद पाठे, नरेश सोलंकी, चंद्रभान कराडे, मोहन चंद्रवंशी, कमलेश(प्रीतम) विश्वकर्मा, अनिल आठनकर, मनेश शिलु, लक्ष्मण माटे, रजनी विरेंद्र सिंह सोलंकी, शकुन सुभाष डिगरसे, वंदना प्रकाश भादे, कविता खेलनसिंह राजपूत, सोभा तुलसकर इरपाची, संगीता नारायण पाठे, बबली रामनारायण साहू, प्रभा फकीरा चौधरी, नेहा आकाश विश्वकर्मा, अलका कैलाश सूर्यवंशी, अजयपति मंगलसिंह पाटिल, सरस्वती देवीलाल चंद्रवंशी, तेजरानी रमेश साहू, मीना ऋषि सोनी, उर्मिला रामकिशोर उइके, सिया तिवारी धुर्वे नियुक्त हुए हैं।