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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 28, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मवेशियों में लंपि स्किन बीमारी की मार

पांढुर्णा के 50 से ज्यादा गांवों में फैली है बीमारी छिंदवाड़ा। पांढुर्णा तहसील में मवेशी लंपि स्किन बीमारी की जद में आ गए हैं। आलम ये है कि इस बीमारी क...और पढ़ें

By Nai Dunia News NetworkEdited By: Nai Dunia News Network
Publish Date: Mon, 28 Sep 2020 04:08:52 AM (IST)Updated Date: Mon, 28 Sep 2020 04:08:52 AM (IST)
मवेशियों में लंपि स्किन बीमारी की मार

पांढुर्णा के 50 से ज्यादा गांवों में फैली है बीमारी

छिंदवाड़ा। पांढुर्णा तहसील में मवेशी लंपि स्किन बीमारी की जद में आ गए हैं। आलम ये है कि इस बीमारी का प्रकोप 50 से ज्यादा गांव के मवेशियों में फैला गया है, जिसे देख पशु विभाग की टीम भी हैरान है। इस बीमारी के कारण लगातार मवेशियों की मौत भी हो रही है। जिसके कारण पशु विभाग खासी चिंता में है। मवेशियों के शरीर पर सबसे पहले गोल आकार की एक छोटी सी गांठ बनती हैं और दूसरे दिन वह गांठ फूटती है। जब यह गांठ फूटती है तो इतनी तेजी से कीड़े पूरे शरीर में फैल जाते हैं, जिससे मवेशी चारा खाना बंद कर देते हैं और उनकी हालत बिगड़ने लगती है। डॉक्टरों के मुताबिक यह बीमारी सबसे ज्यादा मच्छर और मक्खियों से फैल रही है, जो एक दूसरे पर अटैक कर रही है।

पशु चिकित्सक डॉ. केतन पांडे बताते हैं कि लंपि स्किन बीमारी की दस्तक मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा के पास बसे बड़चिचोली गांव से शुरू हुई है, जिसका कहर पूरे क्षेत्र के 50 से ज्यादा गांव में इस बीमारी के प्रकोप के रूप में फैला हुआ है। अगर पशु विभाग ने इस घातक बीमारी का इलाज नहीं किया तो मवेशियों की मौत भी हो सकती है। वहीं इस बीमारी से पशु विभाग के डॉक्टर भी हैरान हैं कि इन मवेशियों का इलाज कैसे करें। हालांकि, डॉक्टर की टीम लगातार इस बीमारी से ग्रसित मवेशियों का इलाज कर रही है, लेकिन फिर भी यह बीमारी तेजी से फैल रही है। किसान बताते हैं कि इस घातक बीमारी की रोकथाम के लिए डॉक्टर की सलाह पर इलाज किया जा रहा है। वहीं देसी इलाज के तौर पर घाव वाली जगह पर हल्दी, काली मिर्च, गुड़ और नीम के पत्तों को मिलाकर सुबह-शाम बीमार मवेशियों को खिलाया जा रहा हैं, जिससे कुछ हद तक जख्म कम हो रहे हैं।


वर्जन

पांढुर्णा क्षेत्र में तेजी से फैल रही लंपि स्किन बीमारी की दस्तक और लगातार मवेशियों की मौत को देखते हुए कलेक्टर सौरभ सुमन को पत्र लिखकर हर एक गांव में कैंप लगाने की मांग की है, जिससे बीमार मवेशियों के इलाज हो सके

नीलेश उइके, विधायक पांढुर्णा