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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 18, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भारतीय संस्कृति का रक्षक है सामूहिक परिवारः सुमत प्रकाश

जैनत्व संरक्षण ई शिविर में बालक एवं पालक में हो रहा संस्कारों का बीजारोपण छिंदवाड़ा। जैन दर्शन विश्व का सबसे बड़ा वैज्ञानिक दर्शन है। अहिंसा जिसका प्राण...और पढ़ें

By Nai Dunia News NetworkEdited By: Nai Dunia News Network
Publish Date: Thu, 18 Jun 2020 04:14:07 AM (IST)Updated Date: Thu, 18 Jun 2020 04:14:07 AM (IST)
भारतीय संस्कृति का रक्षक है सामूहिक परिवारः सुमत प्रकाश

जैनत्व संरक्षण ई शिविर में बालक एवं पालक में हो रहा संस्कारों का बीजारोपण

छिंदवाड़ा। जैन दर्शन विश्व का सबसे बड़ा वैज्ञानिक दर्शन है। अहिंसा जिसका प्राण है। यहां अहिंसा प्रत्येक क्रिया में मुख्य रहती है। फिर वह क्रिया धार्मिक हो या गृहस्थाश्रम की। हम सबका प्रथम कर्तव्य बनता है। अहिंसक पद्धति से जैसे बने तैसे श्रवण संस्कृति भारतीय संस्कृति की रक्षा करें। उक्त उदगार बाल ब्रह्मचारी पं. सुमत प्रकाश जैन ने श्री कुंदकुंद कहान नन्दीश्वर विद्यापीठ द्वारा अखिल भारतीय जैन युवा फेडरेशन के सहयोग से चल रहे आदर्श दंम्पत्ति जैनत्व संरक्षण ई शिविर के तीसरे दिन व्यक्त किए। उन्होंने बहुत ही हृदय स्पर्शी एवं मार्मिक शैली में सामूहिक परिवार की सराहना करते हुए कहा कि सामूहिक परिवार में संस्कृति सुरक्षति रहित है। बच्चे पढ़कर नहीं देखकर ज्यादा सीखते हैं अतः बच्चों को बहुत सिखाएं नहीं सिर्फ अच्छा वातावरण अर्थात माहौल दें। जिससे वें अभिभावकों को देख-देख कर संस्कारित हो जाएं।

संस्कारित माता पिता ही बच्चों के सबसे बड़े गुरु होते हैं। शिक्षा का अर्थ सिर्फ बहुत ज्यादा रुपया पैसा अथवा धन कमाना नहीं होता अपितु अच्छे संस्कारवान नागरिक बन कर घर, परिवार, समाज एवं राष्ट्र की सेवा करना होता है। बच्चों में बचपन से ही अच्छे संस्कारों का बीजारोपण करें। उन्हें संपत्ति देने से पहले अच्छे संस्कार दें क्योंकि संस्कार बिना की सारी सुविधाएं पतन का कारण होती हैं। अभिभावक बच्चों को प्रथम में प्रथम श्रवण संस्कृति भारतीय संस्कृति का पाठ अवश्य पढ़ाएं। अंग्रेजी अथवा पाश्चात्य संस्कृति से बच्चों को पढ़ा लिखाकर इतना भी लायक मत बना देना की वे ज्यादा पढ़ लिखकर माता पिता को ही नालायक समझने लगें। पहले के बच्चे कम पड़ते थे लेकिन सदाचारी थे। उनके मन में प्रत्येक कार्य करने के पहले हित अहित का विचार आता था कि ये कार्य करने योग्य है क्या नहीं, इसके करने पर कोई क्या कहेगा। अब बच्चे कहते हैं कोई क्या कर लेगा। यह सब परिवार के वातावरण का फल है।


बह रहीं ज्ञान की गंगा

जिन शासन सेवक दीपकराज जैन ने बताया कि 21 जून तक चलने वाले शिक्षण शिविर में प्रतिदिन योगा, श्री जिनेंद्र पूजन, सुमत प्रकाश के साथ अन्य विद्धवतगण एवं विदुषी बहनों द्वारा सुबह, दोपहर एवं रात्रि तीनों समय नैतिक शिक्षा, सदाचार, सर्वोदय अहिंसा के साथ जैन दर्शन का पाठ पढ़ाकर ज्ञान की गंगा में स्नान कराया जा रहा है। संध्या के समय श्री जिनेंद्र भक्ति के बाद सामूहिक कक्षा एवं विविध ज्ञानवर्धक साहित्‌यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सुंदर आयोजन चल रहा है।

बोवनी का काम शुरू हो गया है

छिंदवाड़ा। भाजपा किसान मोर्चा के मीडिया प्रभारी विजय अग्रवाल ने बताया कि जिले में इस वर्ष मानसून के समय पूर्व आने एवं प्री मानसून के कारण भी बारिश पर्याप्त हो जाने की वजह से, किसानों ने अपनी खरीफ फसलों की बोवनी का कार्य प्रारंभ कर दिया है। परन्तुु लगभग सभी ग्राम पंचायतों में इस समय मनरेगा के कार्य चलने के कारण किसानों को अपने बोवनी कार्य हेतु मजदूरों की कमी का सामना करना पड़ रहा है एवं उन्हें अधिक मजदूरी देकर अपना कार्य संपादित करवाना पड़ रहा है। खरीफ मौसम में किसानों की फसलों की बोवनी, निंदाई, दवा छिड़काव आदि कार्यों का समयावधि भी समान होती है एवं कम समय की होती है। भाजपा किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष संजय सक्सेना ने इस संबंध में सुुझाव देते हुुए बताया कि वर्तमान समय में फसलों की बोवनी, निंदाई, दवा छिड़काव, कटाई आदि कार्य मनरेगा के मजदूरों से कराया जाए, एवं उक्त कार्यों की मजदूरी का आधा भुगतान कृषक द्वारा किया जाए एवं आधा भुगतान मनरेगा के अंतर्गत शासन द्वारा किया जाएगा, इससे किसानों एवं मजदूरों दोनों की आर्थिक स्थिति में सुधार होते हुए शासन की नीतियों का भी पालन हो सकेगा। इस प्रस्ताव के माध्यम से मनरेगा के अंतर्गत परिणाम मूलक कार्य संपादित होने की स्थिति भी निर्मित होगी तथा मजदूरों का गांवों से शहरों की ओर पलायन भी रुकेगा। प्रधानमंत्री ने यह संकल्प भी लिया है कि कृषि की आय आगामी सन 2022 तक दुगुनी की जाएगी एवं इस हेतु कृषि कार्य के लिए लागत में कमी किया जाना भी प्रस्तावित है। उपरोक्त प्रस्ताव से प्रधानमंत्री का उपरोक्त संकल्प भी पूर्ण हो सकेगा इस संबंध में किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष संजय सक्सेना, महामंत्री संजय पटेल, नरेश डबरे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष रणवीर सिंह रावत को पत्र प्रेषित कर सुझाव दिए गए।