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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 29, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बढ़े हुए बिजली के बिल ने बढ़ाई परेशानी, काम काज छोड़कर ऑफिस के चक्कर लगा रहे उपभोक्ता

50 फीसदी बिजली बिल ही हो सके वसूल फोटो 1 सर्वर डाउन होने के कारण एटीपी मशीन से जमा नहीं हो रहे बिल फोटो 2 छोटी बाजार स्थित पावर हाउस में बड़ी संख्या मे...और पढ़ें

By Nai Dunia News NetworkEdited By: Nai Dunia News Network
Publish Date: Mon, 29 Jun 2020 04:04:37 AM (IST)Updated Date: Mon, 29 Jun 2020 04:04:37 AM (IST)
बढ़े हुए बिजली के बिल ने बढ़ाई परेशानी, काम काज छोड़कर ऑफिस के चक्कर लगा रहे उपभोक्ता

50 फीसदी बिजली बिल ही हो सके वसूल

फोटो 1

सर्वर डाउन होने के कारण एटीपी मशीन से जमा नहीं हो रहे बिल

फोटो 2

छोटी बाजार स्थित पावर हाउस में बड़ी संख्या में पहुंच रहे उपभोक्ता

छिंदवाड़ा। लॉकडाउन के बाद अनलॉक की प्रक्रिया जैसे ही शुरू हो गई, वैसे ही आमजन किसी तरह कामकाज शुरू कर रहा है, इसी बीच जैसे ही मई महीने के बिजली के बिल लोगों के पास पहुंचे, तो लोगों के होश उड़ गए। हालत ये है कि तीन से चार गुना ज्यादा बिजली के बिल आ रहे हैं, उपभोक्ता बिजली बिल सुधरवाने अगर दफ्तर जा रहा है, तो उसे एक फार्म दे दिया जा रहा है, इसके बाद भी उपभोक्ता की समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। थक हारकर आखिरकार उपभोक्ता बिजली के बिल जमा करने को मजबूर है। छोटी बाजार स्थित बिजली कंपनी के कार्यालय में रोज डेढ़ सौ से दो सौ उपभोक्ता बिजली बिल सुधरवाने जा रहे हैं। म.प्र.पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के अधीक्षण अभियंता एसआर येमदे ने बताया कि कुछ मीटर रीडिंग नहीं होने से एवरेज बिल आए हैं, साथ ही सौ यूनिट से अधिक बिजली के उपयोग पर सब्सिडी नहीं है, इसलिए बिजली बिल बढ़े लग रहे हैं। उन्होंने कहा कि शासन की ओर से उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए 16.62 करोड़ रुपय संबल योजना और अन्य घरेलू उपभोक्ताओं 6.48 करोड़ रुपये की राहत दी जाएगी।

केस 1, दो महीने दुकान बंद फिर भी आया आठ हजार बिल

फव्वारा चौक के पास अनुपम जैन की दुकान दो महीने तक लॉकडाउन के कारण बंद रही, लेकिन जैसे ही मई महीने का बिल आया तो उनके होश उड़ गए। जो बिल कभी 7 हजार से 1 हजार के बीच आता था, वही बिल इस बार 8 हजार रुपये आया। जब बिजली विभाग के दफ्तर गए तो पता चला कि गलत रीडिंग के कारण ऐसा हुआ है, अब बिल सुधरवाने के लिए बिजली विभाग के दफ्तर के चक्कर लगा रहे हैं, इसे लेकर अधिकारी कह रहे हैं कि आधा बिल जमा कर दो बाकी अगले महीने समायोजित हो जाएगा।


केस 2

किराएदार का आया 6 हजार का बिल

कमलेश वीके लाल ने बताया कि उन्होंने अपना मकान किराए से दिया था, किराएदार का बिल हमेशा 700 से 800 के बीच आता है, ए.सी. फ्‌रिज भी इस्तेमाल नहीं करता।इसके बाद भी इस बार 6 हजार का बिल आना बड़ी ही गंभीर बात है। अधिकारियों से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा कि फिलहाल बिल जमा कर दो, बाकी आगे समायोजित कर देंगे।

50 फीसदी हुई वसूली

बढ़े हुए बिजली बिल के कारण उपभोक्ता तो परेशान हो ही रहे हैं, बिजली कंपनी को भी नुकसान हो रहा है, जिले में 50 फीसदी बिजली बिल जमा हुए हैं। ऐसे में बिजली कंपनी की प्राथमिकता है कि हर हाल में पूरे बिल का भुगतान हो, ऐसा नहीं होने पर विभाग बिजली कटौती का प्लान भी तैयार कर रहा है।

उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत

बढ़े हुए बिजली बिल की शिकायत मिली है। जिले में मई माह में 2 लाख 74 हजार 892 संबल योजना के हितग्राहियों को 16.62 करोड़ और अन्य घरेलू उपभोक्ताओं को 6.48 करोड़ रूपये की राहत दी जा रही है।विद्युत देयकों से संबधित शिकायतों के निराकरण के लिए आगामी 15 दिनों में वितरण केन्द्र स्तर पर शिविरों का आयोजन कर उपभोक्ताओं से प्राप्त शिकायतों का त्वरित निराकरण भी किया जा रहा है ।

एसआर यमदे, अधीक्षण अभियंता, मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड