• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • छिंदवाड़ा

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 11, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

खदानों में कमर्शियल माइनिंग के खिलाफ सड़क पर उतरी बीएमएस

फोटो 13 कोल ब्लाक नीलामी का विरोध, कन्हान में प्रशासन से झड़प परासिया। कोयला खदानों में कमर्शियल माइनिंग के विरोध में बीएमएस बुधवार को सड़क पर उतरी। पें...और पढ़ें

By Nai Dunia News NetworkEdited By: Nai Dunia News Network
Publish Date: Thu, 11 Jun 2020 04:10:54 AM (IST)Updated Date: Thu, 11 Jun 2020 04:10:54 AM (IST)
खदानों में कमर्शियल माइनिंग के खिलाफ सड़क पर उतरी बीएमएस

फोटो 13

कोल ब्लाक नीलामी का विरोध, कन्हान में प्रशासन से झड़प

परासिया। कोयला खदानों में कमर्शियल माइनिंग के विरोध में बीएमएस बुधवार को सड़क पर उतरी। पेंच और कन्हान मुख्यालय में धरना दिया और प्रधानमंत्री से कमर्शियल माईनिंग के निर्णय को वापस लेने की मांग की गई। कन्हान में बीएमएस पदाधिकारियों की प्रशासन से झड़प हुई। एसडीएम के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ।

सुबह दस से शाम पांच बजे तक धरना प्रदर्शन करने की बीएमएस ने घोषणा की थी। बाद में बीएमएस ने इसे दोपहर बारह बजे तक सीमित कर धरना खत्म कर दिया। पेंच में धरना स्थल पर टीआई पहुंचे। कन्हान में पहले एसडीओपी पूरे दल बल के साथ पहुंचे। बीएमएस के पदाधिकारियों से उनकी बहस भी हुई। गौरतलब है कि कोल इंडिया में कमर्शियल माईनिंग की अनुमति दिए जाने का निर्णय सरकार ने लिया है। 50 कोल ब्लाक 11 जून को नीलाम किए जाने हैं। इसको विरोध भारतीय कोयला खदान मजदूर संघ, ने पेंच कन्हान महाप्रबंधक कार्यालय और जेपी एसोसिएट्स के परिसर में किया। महाप्रबंधक कार्यालय पेंच क्षेत्र के धरना कार्यक्रम में पेंच कन्हान के कार्यकारी अध्यक्ष संजय सिंह, महामंत्री कुंवर सिंह, उपाध्यक्ष एजाज कुरैशी, अच्छेलाल गुप्ता, संयुक्त महामंत्री करण सिंह रघुवंशी, मंत्री तेजप्रताप शाही, कन्हैया सिंह, उपमंत्री देवानंद साहनी, कोषाध्यक्ष धर्मेन्द्र मिश्रा, कार्यालय मंत्री भुवनेश्वर यदुवंशी, मार्कण्डे सूर्यवंशी, टीएससी सदस्य इलाही बक्श, प्रमोद कुमार जैन उपस्थित रहे।


कन्हान में बीएमएस के मध्यप्रदेश के मंत्री, सह कोल प्रभारी राकेश चतुर्वेदी, अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ के उपाध्यक्ष शिवदयाल बिसन्दरे, पेंच कन्हान के अध्यक्ष सुखअमृत पारस, उपाध्यक्ष सिद्धनाथ यादव, संयुक्त महामंत्री रामसिंह बघेल, मंत्री आशीष यादव, अमरसिंह रघुवंशी, ममता सोनारे उपस्थित रहे। जे.पी.एसोसियेट्स मण्डला नार्थ साउथ कोल ब्लाक में विशेष रूप से पेंच कन्हान के कार्यकारी अध्यक्ष संजय सिंह, शाखाध्यक्ष सज्जन सिंग, सचिव विष्णु डेहरिया, उपाध्यक्ष सुन्दर मर्सकोले, अखिलेश साहू, सह सचिव माया चन्द्रवंशी, रंजीत मर्सकोले, कार्यसमिति सदस्य विजय डेहरिया, भैयालाल राठौर, गप्पू चन्द्रवंशी सहित किसान कामगार उपस्थित थे ।

संयुक्त मोर्चे ने खदान परिसर में किया प्रदर्शन

काले झंडे लहराए, कमर्शियल माइनिंग वापस लेने की मांग

परासिया। संयुक्त मोर्चे ने पेंच कन्हान की खदान परिसर में प्रदर्शन कर कमर्शियल माईनिंग का विरोध किया। सरकार से इस निर्णय को वापस लेने की मांग की गई।

कामर्शियल माइनिंग के खिलाफ संयुक्त मोर्चा ने गेट मीटिंग की। केंद्र सरकार द्वारा कोल इंडिया को समाप्त करने के लिए की साजिश का आरोप लगाया गया। वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार पचास कोल ब्लाक को नीलाम करने जा रही है। इससे कोयला उद्योग को नुकसान होगा। कमर्शियल माइनिंग का संयुक्त मोर्चे में शामिल, एटक, एचएमएस, इंटक, सीटू ने विरोध किया।

वेकोलि कामगारों को नहीं मिला बोनस

इंटक ने समय पर बोनस भुगतान की मांग की

परासिया। दसवें वेतन समझौते के तहत कोयला खदान कामगारों को तीस मई तक बोनस का भुगतान किया जाना था। कामगारों को बोनस का भुगतान नहीं किया गया। इंटक ने बोनस भुगतान को लेकर पत्र लिखकर समय पर बोनस भुगतान की मांग की है। पत्र में कहा गया कि बेसिक तिमाही बोनस 30 मई तक भुगतान किया जाना था, लेकिन आज दिनांक तक कामगारों को बोनस का भुगतान वेकोलि प्रबन्धन द्वारा नहीं किया गया है। कामगारों का बोनस रोक दिया गया है,। इसी प्रकार कल कामगारों का माह का वेतन रोका जा सकता है। इंटक संगठन की ओर से तत्काल कोयला कामगारों को रूका हुआ बोनस का भुगतान किए जाने की मांग की गई। इंटक की ओर से वेकोलि प्रबन्धन से सीपीआरएमएस स्कीम के तहत् कामगारों के वेतन से कटौती किए गए 40 हजार रू. प्रमाणपत्र मजदूरों को प्रदान करने की मांग की गई। जिससे सेवानिवृत्ति उपरांत कामगार आपतकाल में अपना इलाज करा सकें।

पेंच नदी में खरबूजे की फसल चौपट

14

कहार, ढीमर परिवार संकट में

परासिया। पेंच नदी में खरबूजों की फसल इस वर्ष मौसम में आए अचानक परिवर्तन के कारण चौपट हो गई है। जिससे क्षेत्र के सैकड़ों कहार ढीमर परिवारों को नुकसान हुआ है। प्रशासन से उन्होंने उचित मुआवजा राशि प्रदान करने की मांग की है। फरवरी मार्च माह में पेंच नदी के समीप रेत में खरबूज, तरबूज की फसल परासिया क्षेत्र के दर्जनों गांवों के कहार ढीमर परिवार द्वारा बोई जाती है। इन परिवारों द्वारा निश्चित समय में अपनी फसलें बोई गई थी और इस दौरान फल भी आ चुके थे, लेकिन गत सप्ताह अचानक मौसम परिवर्तन और बारिश हो जाने के कारण तरबूज, खरबूज की फसलें चौपट हो गई है। इनकी रेत में पानी भी आ जाने के कारण सौ प्रतिषत फसल नष्ट हो गई है। इस वर्ष इन परिवारों द्वारा की गई फसलें पूरी तरह नष्ट हो जाने के कारण सैकड़ों परिवारों के सामने अब परिवार के उदर पूर्ति का संकट मंडराने लगा है।

रेलवे पुल के नीचे नाली निर्माण कार्य शुरू

परासिया। परासिया न्यूटन मार्ग पर रेल्वे पुल के नीचे नाली निर्माण कार्य कराया जा रहा है। कार्य शुरू हो गया। पानी निकासी की व्यवस्था न होने से हर साल बारिश में यहां पानी भर जाता है। पानी भर जाने से आवागमन में बाधित होता था। जाम की स्थिति बनती है। तेज बारिश में तो कई घंटो तक आवागमन नहीं हो पाता है। यहां पानी निकासी की व्यवस्था को लेकर कांग्रेस नेता वीर बहादुर सिंह ज्ञापन सोंप चुके है। तथा आन्दोलन भी किया। रेलवे प्रशासन ने बरसात से पहले लोगों को परेशानी न हो और पुल के नीचे पानी न भरे उसको लेकर नाली निर्माण का काम शुरू किया। नाली बन जाने से यहां बारिश में जाम नहीं लगेगा।

30 जून तक बंद रहेगा कोसमी मंदिर

एसडीएम के साथ बैठक में मंदिर समिति ने लिया निर्णय

परासिया। क्षेत्र का प्रसिद्ध कोसमी हनुमान मंदिर तीस जून तक भक्तों के लिए बंद रहेगा। मंदिर के कपाट बंद रहेगे। साथ ही आसपास से मंदिर परिसर में प्रवेश के रास्ते भी बंद किए जाएंगे। एसडीएम नमः शिवाय अरजरिया ने मंदिर समिति के साथ बुधवार को बैठक की। बैठक में मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष राधेष्याम सिकंदरपुरे, मंदिर के पुजारी अषोक पापुलकर, अन्य पुजारी और ग्रामीणों के साथ दुकानदार उपस्थित रहे। एसडीएम ने मंदिर समिति से पूछा कि जिले में बीमारी बढ रही है। ऐसे में मंदिर का संचालक क्या पूरे नियमों से किया जा सकता है। समिति के लोगों ने चर्चा के बाद तीस जून तक मंदिर बंद रखने पर सहमति दी। इस दौरान दुकानदारों और अन्य लोगों की सहायता की भी बात की गई। गौरतलब है कि लंबे अंतराल के बाद मंदिर खुला था। लेकिन जिले में कोरोना से एक और मौत होने ओर मरीज बढने से स्थिति चिंताजनक बनी है। इसके चलते मंदिर समिति ने प्रषासन के साथ बैठक में उक्त निर्णय लिया।