
शाही एक्सपोर्ट बंद होने से बेरोजगार हो गए 122 कर्मचारी, फैक्ट्री केसामने ही डेरा डाल कर रहे आंदोलन
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शाही एक्सपोर्ट की फैक्ट्री में नहीं हो रहा काम
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फैक्ट्री के सामने धरना दे रही कामगार महिलाएं
नोट सभी के नाम से फोटो है
छिंदवाड़ा। शाही एक्सपोर्ट ने अचानक 31 जुलाई को फैक्ट्री बंद करने का निर्णय ले लिया। इस अल्टीमेटम के बाद फैक्ट्री में काम कर रहे 122 कर्मचारियों पर रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। सिवनी मार्ग स्थित फैक्ट्री के सामने ही धरने पर कर्मचारी बैठ गए तथा फैक्ट्री को पुनः शुरू करने की मांग पर अड़े हुए हैं, जबकि फैक्ट्री प्रबंधन उनके विरोध को लेकर कोई जवाब देने को तैयार ही नहीं हैं। कर्मचारियों ने भारतीय मजदूर संघ के साथ मिलकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा, लेकिन समस्या का कोई हल निकलता नहीं दिख रहा है। प्रबंधन के खिलाफ कर्मचारियों का गुस्सा लगातार तेज हो रहा है। कर्मचारियों की मांग है कि फैक्ट्री जैसे चलती आ रही है उसका संचालन भी वैसे होते रहे। लॉकडाउन के दौरान कर्मचारियों ने काम किया है उस समय काम की कोई कमी नहीं थी लेकिन प्रबंधन ने अचानक निर्णय लेकर कर्मचारियों व उनके परिवार के साथ गलत किया हैं। कर्मचारियों ने इस दौरान यह भी आरोप लगाया कि जब से फैक्ट्री चालू हुई है तब से उन्हें ट्रेनी के नाम पर ही काम कराया जा रहा है वेतन भी ट्रेनी के हिसाब से दिया जा रहा है जबकि अन्य स्थानों पर पर कर्मचारियों को वेतन अच्छा दिया जा रहा है।
- इनका कहना हैं।
सात साल हैं ट्रेनी
.. सात वर्ष से ट्रेनी के नाम पर वेतन दिया जा रहा है जिसका विरोध कभी नहीं किया गया, लेकिन अब फैक्ट्री बंद कर रोजगार पर संकट खड़ा किया जा रहा है। कोरोना काल के दौरान फैक्ट्री बंद करने से संकट कम नहीं होगा परिवार के पालन पोषण की समस्या खड़ी हो जाएगी।
सुषमा दौड़के, कर्मचारी
दिल्ली कर रहे ट्रांसफर
.. फैक्ट्री बंद कर यह कहा जा रहा है कि आपका ट्रांसफर दिल्ली व नोएडा किया जा रहा हैं। जैसे हमेशा से फैक्ट्री चलते आ रही है वैसा ही काम होता रहा है, लेकिन अधिकारियों की गलती की सजा कर्मचारियों को दी जा रही है जो कि सरासर गलत है।
राखी ढोले, कर्मचारी
करे कोई, भरे कोई
.. कुछ समय पूर्व कच्चा माल फैक्ट्री में आया था जिसे वापस कर दिया गया। कुछ अधिकारियों द्वारा चिंदी के बोरे में हजारों पीस कपड़े पार किए जा रहे थे। जिसकी सजा कर्मचारियों को दी जा रही हैं। कंपनी घाटे में फैक्ट्री चलना बता रही है लेकिन काम तो हमेशा एक सा ही चला है।
संजू मिनोटे, कर्मचारी
प्रशासन नहीं कर रहा सहयोग
.. फैक्ट्री बंद करने का आदेश दे दिया गया कि 31 जुलाई से सब बंद हो जाएगा लेकिन अब हमारे सामने रोजगार का संकट आ गया है। हमारी मांग है कि फैक्ट्री को बंद ना किया जाए लेकिन जिला प्रशासन व राजनेता इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। श्रम विभाग के अधिकारी कुछ नहीं कर रहे हैं।
बबीता पाल, कर्मचारी
कभी वेतन बढ़ाने को नहीं कहा
.. सात सालों से 7500 को वेतन मिल रहा है लेकिन कभी भी वेतन बढ़ाने के लिए नहीं कहा गया। अचानक नौकरी छीनने का हक किसी को नहीं है। कंपनी के सामने जब तक धरना देंगे जब तक कंपनी को पुनः शुरु करने का निर्णय नहीं ले लिया जाता।
कुसुम ब्रम्हें, कर्मचारी