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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 14, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उड़ना तो दूर, चलने लायक भी है उड़नदस्ते, वाहन हुए कंडम

लीड... वन विभाग की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल फोटो 9 चौरई वन परिक्षेत्र में खड़ा उड़नदस्ते का वाहन छिंदवाड़ा। एक ओर वन विभाग हर साल लाखों रुपये वन्य जीवों ...और पढ़ें

By Nai Dunia News NetworkEdited By: Nai Dunia News Network
Publish Date: Fri, 14 Aug 2020 04:07:26 AM (IST)Updated Date: Fri, 14 Aug 2020 04:07:26 AM (IST)
उड़ना तो दूर, चलने लायक भी है उड़नदस्ते, वाहन हुए कंडम

लीड...

वन विभाग की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल

फोटो 9

चौरई वन परिक्षेत्र में खड़ा उड़नदस्ते का वाहन

छिंदवाड़ा। एक ओर वन विभाग हर साल लाखों रुपये वन्य जीवों और वन्य संपदा की देखभाल के लिए खर्च करता है, लेकिन जो रकम खर्च हो रही है, उस रकम से वन विभाग अपने मकसद में कितना कामयाब हो रहा है ये चंद उदाहरणों से ही स्पष्ट हो जाता है। पूर्व वन परिक्षेत्र के तहत चौरई रेंज आता है, यहां जो वाहन उड़न दस्ते के रूप में इस्तेमाल हो रहे हैं, वो पूरी तरह से कंडम हो गए हैं। हालत ये है कि चौरई के गुमतरा में वन चौकी में कई महीनों से वाहन रखा हुआ है। गौरतलब है कि जिले में हर रेंज में डिवीजन और सब डिवीजन में वाहन उपलब्ध कराए गए हैं, जो कंडम हालत में हैं। वन विभाग के अधिकारी भी मानते हैं कि अभी वन अमले और वाहनों को लेकर समस्या है, जिसे जल्द ही दूर करने की बात की जा रही है।

साइकल से छोड़ा गया मादा हिरण को

हाल ही में सड़क हादसे में घायल हुई मादा हिरण को बचाने के दौरान शर्मनाक तस्वीर सामने आई। चौरई बायपास में घायल हिरण को बचाने के लिए वन विभाग के चौकीदार का सहारा लिया गया, लेकिन रास्ते में ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने जब इस बात की जानकारी वन विभाग के अधिकारियों को दी, तो मौके पर जिप्सी को रवाना किया गया, लेकिन वो डेढ़ से दो घंटे बाद आई। इस दौरान वन विभाग के चौकीदार ने मजबूरी में साइकल से ही मादा हिरण को रवाना किया। इसे लेकर जब वन विभाग के अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने मामले की जांच कराने की बात कही, लेकिन अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। घटना स्थल के पास से पेंच टाइगर रिजर्व एरिया का बफर जोन है, हाल ही में सड़क हादसे में भी एक हिरण की मौत हो चुकी है। ऐसे में वन विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं।


छिंदवाड़ा की टीम ने पकड़ी सागौन

कुछ इसी तरह की स्थिति हाल ही में गुमतरा रेंज में बनी। जहां वन चौकी में श्री सनोडिया पदस्थ थे, लेकिन वन विभाग के छिंदवाड़ा के उड़न दस्ते ने आकर यहां कार्रवाई और सागौन की कटाई का खुलासा किया। इस मामले में भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ये सिर्फ चंद उदाहरण हैं, जिसके आधार पर देखा जा सकता है कि वन विभाग का उड़न दस्ता इस कंडम वाहनों के भरोसे अवैध गतिविधियों पर लगाम नहीं लगा पा रहा है।

इनका कहना है

वन विभाग में वाहनों की कमी है, कुछ वाहन की हालत भी खराब है, इसे लेकर जल्द ही समीक्षा की जाएगी। ताकि वन विभाग का अमला चौकस हो सके और तेजी से कार्रवाई कर सके।

अखिल बंसल, डीएफओ, पूर्व वन परिक्षेत्र