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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 17, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Delhi: बारिश खत्म होते ही खराब हुई राजधानी दिल्ली की एयर क्वालिटी, बढ़ सकती हैं सेहत संबंधी समस्याएं

बारिश का मौसम खत्म होते ही राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में एक बार फिर प्रदूषण बढ़ गया है। स्वस्थ किशोरों और युवा वयस्कों में दिल की अनियमित धड़क...और पढ़ें

By Shailendra KumarEdited By: Shailendra Kumar
Publish Date: Mon, 17 Oct 2022 06:01:25 PM (IST)Updated Date: Mon, 17 Oct 2022 06:02:48 PM (IST)
Delhi: बारिश खत्म होते ही खराब हुई राजधानी दिल्ली की एयर क्वालिटी, बढ़ सकती हैं सेहत संबंधी समस्याएं

Delhi Air Quality: बारिश का मौसम खत्म होते ही राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में एक बार फिर प्रदूषण बढ़ गया है। यहां हवा की गुणवत्ता एक बार फिर खराब स्तर तक पहुंच चुकी है। दिल्ली में शनिवार, 15 अक्टूबर को शाम चार बजे एयर क्वॉलिटी इंडेक्स (AQI) 186 था, जो रविवार को खराब होकर 232 एक्यूआई पर पहुंच गया। गाजियाबाद, फरीदाबाद, ग्रेटर नोएडा, नोएडा और गुरुग्राम में भी एक्यूआई 250 से 286 के बीच दर्ज किया गया। आपको बता दें कि 50 तक एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक’ और 201 से 300 के बीच ‘खराब’ माना जाता है। इसे देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के स्टेज-1 के मानकों को सख्ती से लागू करें।

जानिए क्या हो सकती है परेशानी?

1. क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) के लिए आम तौर पर स्मोकिंग को जिम्मेदार माना जाता है। लेकिन भारत में इस बीमारी के 65 फीसदी मामले ऐसे लोगों के आते हैं, जो स्मोकिंग नहीं करते। यानी धुएं और प्रदूषण की वजह से सीओपीडी के मामले, स्मोकिंग की तुलना में दोगुना से ज्यादा हैं।


2. वायु प्रदूषण की वजह से स्वस्थ किशोरों में दिल की धड़कन की रफ्तार अनियमित (Arrhythmias) हो सकती है। वहीं, वायु प्रदूषण की वजह से वयस्कों के दिल पर भी काफी खराब असर पड़ता है। स्वस्थ किशोरों और युवा वयस्कों में दिल की अनियमित धड़कन अचानक दिल के दौरे से मौत (Cardiac Death) का कारण बन सकती है।

3. हालिया स्टडी के मुताबिक पार्टिकुलेट मैटर युवाओं में अचानक हृदयघात के खतरे को बढ़ा सकता है।

4. वायु प्रदूषण से भ्रूण भी प्रभावित होता है और ताउम्र यह जारी रहता है। बच्चों में प्रदूषण की वजह से लोअर रेस्पिरेटरी में संक्रमण, एलर्जी, अस्थमा और ब्रोंकाइटिस के मामलों में इजाफा देखा गया है।

5. डॉक्टरों के मुताबिक, वायु प्रदूषण की वजह से एडीएचडी बढ़ रहा है, और ओवरऑल ग्रोथ व डिवेलपमेंट पर भी असर पड़ता है। इससे डायबिटीज, दिल की बीमारी और स्किन एलर्जी का खतरा भी बढ़ जाता है।