
Air India peeing case: महिला सह-यात्री पर पेशाब करने के आरोपी शंकर मिश्रा को दिल्ली पुलिस ने बेंगलुरु से गिरफ्तार कर लिया है। शनिवार को उसे मेडिकल जांच के लिए सफदरजंग अस्पताल लाया गया। इसके बाद उसे अदालत के समक्ष पेश किया गया। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि शंकर मिश्रा जांच में सहयोग नहीं कर रहा था और इसी कोर्ट ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। उसका मोबाइल फोन भी स्वीच ऑफ आ रहा था। कोर्ट ने इन तमाम बातों का संझान लिया और उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। शंकर मिश्रा के वकील ने जमानत की अर्जी दाखिल की है, जिस पर 11 जनवरी को सुनवाई होगी।
ये मामला सार्वजनिक होने के बाद दिल्ली पुलिस ने 5 जनवरी को शंकर मिश्रा के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी और उसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी करने की मांग की थी। उसे गिरफ्तार करने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। सूत्रों के मुताबिक आरोपी शख्स की आखिरी लोकेशन बेंगलुरु थी, जहां 3 जनवरी को उसका मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो गया था। शुक्रवार की रात, पुलिस ने मैसूर में शंकर मिश्रा की आखिरी लोकेशन पर फोकस किया, जो बेंगलुरु सेलगभग 150 किलोमीटर दूर है। लेकिन जब तक पुलिस मौके पर पहुंची तब तक आरोपी जा चुका था। टैक्सी ड्राइवर से पूछताछ करनेपर पुलिस को कुछ अहम सुराग हाथ लगे। मिश्रा बेंगलुरु के महादेवपुरा इलाके में चिनप्पा लेआउट इलाके में एक होम-स्टे में पहले भी कई बार पर रुक चुका था। जैसे ही दिल्ली पुलिस की टीम को यह सूचना मिली, उसने छापेमारी की और मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया।
फ्लाइट में महिला सह-यात्री पर पेशाब करने के मामले में टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन (Campbell Wilson) ने शनिवार 7 जनवरी को बयान जारी कर माफी मांगी। अपने बयान में उन्होंने बताया कि एयरलाइन ने इस मामले में चार केबिन क्रू और एक पायलट को ड्यूटी से हटा दिया गया है और उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। वहीं एयरलाइन फ्लाइट में यात्रियों को शराब परोसने की अपनी पॉलिसी की भी समीक्षा कर रही है। सीईओ ने बयान में कहा कि एयरलाइन ने भविष्य में इस तरह की घटनाओं से कैसे निपटा जाए, इसे बेहतर बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं।