यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 23, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Consumer Protection: ग्राहक से 1 रुपया ज्यादा वसूला तो अब दुकानदार को चुकाने होंगे 1000 रुपए
Consumer Protection विपक्षी रिलायंस शोपिंग स्टोर द्वारा ज़बाब प्रस्तुत कर बताया गया कि उनके स्टोर के नियमों के अनुसार अधिक राशि वसूल होने पर उनके मैने...और पढ़ें
By Sandeep ChoureyEdited By: Sandeep Chourey
Publish Date: Wed, 23 Nov 2022 02:38:20 PM (IST)Updated Date: Wed, 23 Nov 2022 02:38:20 PM (IST)

Consumer Protection जोधपुर। ग्राहक से सामान पर अंकित मूल्य से एक रुपया अधिक वसूल करना दुकानदार को महंगा पड गया । जागरूक ग्राहक द्वारा इसका विरोध करते हुए शिकायत पेश करने पर जिला उपभोक्ता संरक्षण आयोग द्वितीय ने एक रुपए के बदले अब एक हजार रुपए ग्राहक को वापस लौटाने का दुकानदार को आदेश दिया है ।
मामले के अनुसार पाल लिंक रोड निवासी प्रणव मेहता ने आयोग में परिवाद प्रस्तुत कर बताया कि मुख्य पाल रोड स्थित रिलायंस स्मार्ट पोइंट शोपिंग स्टोर से उसने मार्च, 22 में टूथ ब्रुश खरीद किया। जिस पर 39 रूपये मूल्य अंकित होने के बावजूद बिल में 40 रूपये वसूल किये गये। मैनेजर को शिकायत करने व कानूनी नोटिस दिलाने के बावजूद अधिक ली गई राशि वापस नहीं लौटाई गई। उल्टे उसका मजाक उड़ाया गया।
विपक्षी रिलायंस शोपिंग स्टोर द्वारा ज़बाब प्रस्तुत कर बताया गया कि उनके स्टोर के नियमों के अनुसार अधिक राशि वसूल होने पर उनके मैनेजर द्वारा क्षमा मांगते हुए राशि लौटाने के अलावा ग्राहक को एक सौ रूपए अतिरिक्त भुगतान भी किया जाता है।
आयोग के अध्यक्ष डॉ श्याम सुन्दर लाटा, सदस्य डॉ अनुराधा व्यास, आनंद सिंह सोलंकी की बैंच ने सुनवाई के बाद निर्णय में कहा कि परिवादी द्वारा मौखिक रूप से मांग करने व अधिवक्ता से नोटिस दिलवाने के बावजूद विपक्षी द्वारा राशि लौटाने हेतु कोई कार्यवाही नहीं की गई है। यह विवाद मात्र एक रुपये की मामूली राशि की अधिक वसूली का नहीं होकर उपभोक्ता अधिकारों के प्रवर्तन एवं संरक्षण से संबंधित है । विभिन्न आइटमों के इस प्रकार निर्धारित मूल्य पर विक्रेताओं द्वारा छोटी-छोटी राशि के रूप में ग्राहकों से अधिक वसूली करने की नाजायज प्रवृत्ति पर अंकुश लगाया जाना आवश्यक है।
आयोग ने विपक्षी रिलायंस स्टोर को अनुचित व्यापार व्यवहार के लिए दोषी मानते हुए एक रुपया की राशि वापस लौटाने के अलावा परिवादी को क्षतिपूर्ति के रूप में एक हजार रुपए अदा करने का आदेश दिया है। परिवादी को कानूनी कार्यवाही का खर्चा भी विपक्षी स्टोर द्वारा ही भुगतान किया जावेगा ।