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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 11, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जमीयत उलेमा ए हिंद के मदनी बोले, समान नागरिक संहिता सिर्फ मुसलमानों का मुद्दा नहीं

Jamiat Ulema E Hind मदनी के कहा कि अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा भड़काने वालों को सजा देने के लिए अलग कानून बनना चाहिए।

By Sandeep ChoureyEdited By: Sandeep Chourey
Publish Date: Sat, 11 Feb 2023 08:23:17 AM (IST)Updated Date: Sat, 11 Feb 2023 10:41:53 PM (IST)
जमीयत उलेमा ए हिंद के मदनी बोले, समान नागरिक संहिता सिर्फ मुसलमानों का मुद्दा नहीं

Jamiat Ulema E Hind । जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना महमूद मदनी ने एक बार फिर विवादित बयान देकर सुर्खियां बटोरी है। मदन ने कहा है कि मुस्लिम समुदाय के खिलाफ नफरत बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि भारत जितना मोदी और भागवत का है उतनी ही मदनी का भी है। दिल्ली के रामलीला मैदान में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने दावा किया कि मुस्लिमों के खिलाफ नफरत और उकसावे के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। हाल के दिनों में इस्लामोफोबिया काफी बढ़ गया है।

RSS और BJP से हमारी कोई मजहबी अदावत नहीं है।हमारे नज़र में हिंदु व मुसलमान बराबर हैं,हम इंसान के दरमियान कोई फर्क नहीं करते हैं। जमियत ए उलेमा की पॉलिसी रही है कि भारत के तमाम शहरी बराबर हैं, इनके बीच भेदभाव नहीं होना चाहिए: जमीयत उलेमा-ए-हिंद अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी,दिल्ली pic.twitter.com/D6anMkDpcK

— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 11, 2023


गौरतलब है कि जमीयत उलेमा-ए-हिंद का 34वां अधिवेशन चल रहा है। इसमें जमीयत के प्रमुख मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि समान नागरिक संहिता सिर्फ मुसलमानों का मुद्दा नहीं है। उन्होंने कहा कि हम केंद्र सरकार का ध्यान इस बात की ओर आकर्षित करना चाहते हैं कि देश की अखंडता सुनिश्चित होनी चाहिए और देश की सकारात्मक छवि कैसे निर्मित की जाए।

#WATCH | This land is the first homeland of Muslims. Saying that Islam is a religion that came from outside is totally wrong & baseless. Islam is the oldest religion among all religions. India is the best country for Hindi Muslims: Jamiat Ulema-e-Hind Chief Mahmood Madani (10.02) pic.twitter.com/hQ5YQhEeqh

— ANI (@ANI) February 11, 2023

हिंसा भड़काने वालों के खिलाफ बने कानून

मदनी के कहा कि अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा भड़काने वालों को सजा देने के लिए अलग कानून बनना चाहिए। साथ ही मदनी ने कहा कि इस्लाम भारत में बाहर से नहीं आया है। मदनी ने कहा कि भारत देश जितना नरेंद्र मोदी और मोहन भागवत का है, उतनी ही ये देश महमूद का भी है।

भारत को बताई पैगंबर की जमीन

महमूद मदनी ने कहा कि इस धरती की खासियत ये है कि ये खुदा के सबसे पहले पैगंबर अबुल बसर सैयद अला आदम अली की सरजमीं है। आप यहीं तशरीफ़ लाए, ये धरती इस्लाम की जाए-ए-पैदाइश है। भारत मुसलमानों का पहला वतन है। इसलिए यह समझना गलत है कि इस्लाम भारत में बाहर से आया है।

इस्लाम को बताया सबसे पुराना मजहब

मदनी ने कहा कि इस्लाम भारत का ही मजहब है और सारे मजाहिद और सारे धर्मों में सबसे पुराना मजहब है। इस्लाम के आखिरी पैगंबर हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम इसी दीन को मुकम्मल करने के लिए तशरीफ लाए थे। इसलिए मैं कहता हूं कि भारत हिंदी मुसलमानों के लिए के लिए वतनी और दीनी दोनों हैसियतों से सबसे अच्छी जगह है।' गौरतलब है कि जमीयत का महाधिवेशन उसके अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी की अध्यक्षता में रामलीला मैदान में शुरू हुआ। महाधिवेशन का पूर्ण सत्र रविवार को आयोजित होगा।