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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 18, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Uniform Civil Code: केंद्र ने SC में दाखिल किया हलफनामा, ‘अलग-अलग कानून देश की एकता में बाधक’

Uniform Civil Code: समान नागरिक संहिता संविधान के अनुच्छेद 44 के अंतर्गत आती है। इसमें धर्म, लिंग या जाति के बावजूद व्यक्ति गत कानून का प्रस्ताव है। य...और पढ़ें

By Arvind DubeyEdited By: Arvind Dubey
Publish Date: Tue, 18 Oct 2022 10:56:08 AM (IST)Updated Date: Tue, 18 Oct 2022 10:57:49 AM (IST)
Uniform Civil Code: केंद्र ने SC में दाखिल किया हलफनामा, ‘अलग-अलग कानून देश की एकता में बाधक’

Uniform Civil Code: केंद्र सरकार ने मंगलवार को समान नागरिक संहिता (यूसीसी) मामले में सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर दिया। अपने पहले हलफनामे में केंद्र सरकार ने Uniform Civil Code के समर्थन में कई दलीलें पेश कीं। सरकार ने तर्क दिया कि विभिन्न कानून राष्ट्रीय एकता में बाधा डालते हैं। बता दें, इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील अश्विनी उपाध्याय ने याचिका दायर की है। याचिका में केंद्र सरकार को तलाक, गोद लेने, संरक्षकता, उत्तराधिकार, विरासत, रखरखाव, शादी की उम्र और गुजारा भत्ता के लिए समान कानून बनाने का निर्देश देने की मांग की गई है। शीर्ष अदालत ने इससे पहले समान नागरिक संहिता से जुड़ी याचिकाओं पर केंद्र से हलफनामा दाखिल करने को कहा था।

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वहीं, इसी मामले से जुड़ी एक अन्य सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से देश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा था। मामले को 22वें कानून पैनल के समक्ष रखा जाएगा। समान नागरिक संहिता संविधान के अनुच्छेद 44 के अंतर्गत आती है। इसमें धर्म, लिंग या जाति के बावजूद व्यक्तिगत कानून का प्रस्ताव है। यह विवाह, तलाक, गोद लेने जैसे व्यक्तिगत मामलों के लिए है।


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