• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • देश

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 04, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Cabinet Decision: नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन को मिली मंजूरी, 6 लाख लोगों को मिलेगा रोजगार

Cabinet Decision: केबिनेट ने नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के साथ ही सुन्नी बांध हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दे दी है।

By Shailendra KumarEdited By: Shailendra Kumar
Publish Date: Wed, 04 Jan 2023 04:37:14 PM (IST)Updated Date: Wed, 04 Jan 2023 04:37:14 PM (IST)
Cabinet Decision: नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन को मिली मंजूरी, 6 लाख लोगों को मिलेगा रोजगार

Cabinet Decision on Green Hydrogen: मोदी सरकार ने पर्यावरण और ऊर्जा जरुरतों को ध्यान में रखते हुए नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि भारत जल्द ही ग्रीन हाइड्रोजन के लिए ग्लोबल हब के रुप में विख्यात होगा। इस मिशन के तहत 2030 तक सालाना 50 लाख टन ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन किया जाएगा। हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत 19,744 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसमें उत्पादकों को कई तरह के इंसेंटिव्स दिये जाएंगे। केन्द्रीय मंत्री ने दावा किया कि यह मिशन 6,00,000 लोगों को रोजगार देगा और इससे सालाना ग्रीन हाउस गैस के उत्सर्जन में 50 मिलियन मीट्रिक टन की कमी आएगी।

naidunia_image

जानिए इसकी खासियत

  • पीएम मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से ग्रीन हाइड्रोजन पर चर्चा की और नेशनल हाइड्रोजन मिशन की घोषणा की थी।
  • इसमें कुल 8 लाख करोड़ रुपये का इन्वेस्टमेंट होगा और 6 लाख रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
  • इस लक्ष्य है प्रतिवर्ष 50 लाख टन ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन करना। इससे सालाना ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन में 50 मिलियन मीट्रिक टन की कमी आएगी।
  • देश में इलेक्ट्रोलाइजर विनिर्माण को लेकर पांच साल के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा। 60-100 गीगावाट की इलेक्ट्रोलाइजर क्षमता को तैयार किया जाएगा।
  • इलेक्ट्रोलाइजर की मैन्युफैक्चरिंग और ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन पर 17,490 करोड़ प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
  • ग्रीन हाइड्रोजन के हब को विकसित करने के लिए 400 करोड़ का प्रावधान किया है।

इसके अलावा कैबिनेट ने हिमाचल प्रदेश में 382 मेगावाट के सुन्नी बांध हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट मंजूर किया गया है। इसमें 2614 करोड़ रुपए की लागत आएगी और ये सतलुज नदी पर बनेगा। इसके निर्माण के बाद हिमाचल को 13 पर्सेंट बिजली मुफ्त मिलेगी। इस योजना से 4000 लोगों को रोजगार मिलेगा और हजारों लोगो को फायदा होगा।