
Saurav Ganguly Controvercy: BCCI अध्यक्ष पद से जिस तरह सौरव गांगुली को अचानक हटना पड़ा है, इसे लेकर मीडिया में कई तरह के कयास लगाये जा रहे थे। माना जा रहा था कि बोर्ड का एक गुट सौरव गांगुली के कामकाज के तरीके से नाराज था। गांगुली को दूसरा कार्यकाल नहीं मिलने को लेकर ये खबर भी चल रही थी किउन्हें जानबूझकर बाहर किया गया है। लेकिन BCCI के ट्रेजरर अरुण धूमल ने इन तमाम खबरों को बेबुनियाद बताया है। धूमल ने कहा, ‘किसी ने भी सौरव गांगुली के खिलाफ एक शब्द नहीं कहा। बोर्ड के सभी सदस्य पूरी टीम से अध्यक्ष के तौर पर किये गये उनके काम से बहुत खुश और संतुष्ट थे।’
धूमल ने पीटीआई से बात करते हुए कहा कि नामांकन भरे जाने से पहले सभी फैसलों में गांगुली शामिल थे। धूमल ने कहा, ‘स्वतंत्र भारत में बीसीसीआई में ऐसा कोई अध्यक्ष नहीं रहा जो तीन साल से ज्यादा इस पद पर रहा हो। ये सभी मीडिया की अटकलबाजियां हैं कि दादा को यह कहा गया या फिर कुछ सदस्य उनके खिलाफ थे, ये सब आधारहीन है।’
धूमल ने कहा, ‘दादा, रोजर बिन्नी और नामांकन भरने गए सभी लोगों के साथ थे। सब चीजों पर चर्चा की गई और दादा से भी बात की गई। उन्हें आईपीएल चेयरमैन के पद की पेशकश की गई वर्ना रोजर को मौका नहीं मिलता, क्योंकि वह 67 साल के हैं (उम्र की सीमा 70 वर्ष है)।’
उन्होंने सौरव गांगुली का आभार जताते हुए कहा कि अगर गांगुली ने आईपीएल के चेयरमैन के पद को स्वीकार कर लिया होता तो वह शायद नई टीम का हिस्सा नहीं हो पाते। गांगुली ने इस पद को स्वीकार नहीं किया और अब धूमल अगले आईपीएल चेयरमैन का पद संभालेंगे।
आपको बता दें कि बीसीसीआई के अगले कार्यकाल के अधिकारी पदों के लिए नामांकन भरे जा चुके हैं और 18 अक्टूबर को उन्हें निर्विरोध चुन लिया जाएगा। 1983 वर्ल्ड कप विजेता रोजर बिन्नी अध्यक्ष पद पर गांगुली की जगह लेंगे, जबकि जय शाह सचिव बने रहेंगे। राजीव शुक्ला को उपाध्यक्ष पद पर एक और कार्यकाल मिलेगा। आशीष शेलार नए कोषाध्यक्ष होंगे और देवाजीत सैकिया नए संयुक्त सचिव होंगे।