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एजेंसी, नई दिल्ली (SBI MCLR Hikes)। यह खबर उन लोगों के लिए जिन्होंने देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) से पर्सनल या ऑटो लोन ले रखा है। एसबीआई ने 15 जुलाई से मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट्स (एमसीएलआर) में 5 से 10 आधार अंक (बीपीएस) की वृद्धि की है। लेंडिंग रेट का मतलब अब एसबीआई अपने ग्राहकों को इस दर के नीचे किसी भी प्रकार का कोई लोन नहीं देगा।
बता दें, करीब एक महीने पहले यानी जून के मध्य में भी एसबीआई ने एमसीएलआर में 10 आधार अंकों की वृद्धि की थी। इस वृद्धि का असर ईएमआई पर पड़ेगा।
पर्सनल या ऑटो जैसे लोन एमसीएलआर से जुड़े होते हैं। एमसीएलआर बढ़ने के बाद इन लोन की ईएमआई बढ़ गई है। वहीं, होम लोन रेपो रेट से जुड़े होते हैं। अच्छी बात यह है कि रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है। आरबीआई ने फरवरी 2023 से रेपो रेट को 6.5 फीसदी बनाए रखा है।
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आरबीआई मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने लंबे समय से रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। जून के पहले हफ्ते में हुई समीक्षा बैठक में आठवां मौका था, जब रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
| ऋण अवधि | SBI | BoB | Canara | HDFC | PNB | Yes |
| ओवरनाइट | 8.10% | 8.15% | 8.20% | 8.95% | 8.25% | 9.10% |
| 1 माह | 8.35% | 8.35% | 8.30% | 9.10% | 8.30% | 9.45% |
| 3 माह | 8.40% | 8.45% | 8.40% | 9.20% | 8.50% | 10.10% |
| 6 माह | 8.75% | 8.70% | 8.75% | 9.35% | 8.85% | 10.35% |
| 1 साल | 8.85% | 8.90% | 8.95% | 9.40% | 9.15% | 10.50% |