
बिजनेस डेस्क। केंद्र सरकार ने 28 अक्टूबर को 8वीं केंद्रीय वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस यानी ToR को मंजूरी दे दी हैं। इस फैसलों का फायदा 1 करोड़ से ज्यादा लोगों को मिलेगी। जिनमें करीब 50 लाख केंद्रीय सरकारी कर्मचारी, लगभग 65 लाख पेंशनर और रक्षा तथा रेलवे के कर्मचारी और रिटायर्ड कर्मी शामिल हैं।
इस आयोग का काम केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन, भत्ते और पेंशन लाभों की समीक्षा करना होता हैं। इसके साथ ही आयोग को अपनी सिफारिशें तैयार करते समय देश की आर्थिक स्थिति और राजकोषीय अनुशासन का ध्यान रखना होगा। ये भी देखना होगा कि विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए पर्याप्त पैसा बचा रहे।
आयोग वेतन, भत्ते, नकद या किसी और रूप में मिलने वाली सुविधाओं और लाभों में जरूरी और संभव बदलावों की सिफारिश करेगा। जिसमें पे मैट्रिक्स, महंगाई भत्ता, महंगाई राहत, एचआरए, सैलरी स्ट्रक्चर, इंक्रीमेंट और प्रमोशन जैसी चीजें शामिल हो सकती हैं।
आयोग सैलरी डीए स्ट्रक्चर बनाने पर काम करेगा जिससे सरकारी सेवा में अच्छे टैलेंट आकर्षित हों। इसके साथ ही कामकाज में दक्षता, जवाबदेही और जिम्मेदारी बढ़े। आयोग परफॉर्मेंस और प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए बोनस योजनाओं को भी देखेगा।
नेशनल पेंशन सिस्टम यानी NPS और उसमें शामिल यूनिफाइड पेंशन स्कीम UPS वाले कर्मचारियों की डेथ-कम-रिटायरमेंट ग्रैच्युटी की समीक्षा करेगा। अगर कोई कर्मचारी NPS में नहीं हैं, तो उनकी डेथ-कम-रिटायरमेंट ग्रैच्युटी और पेंशन पर भी सिफारिशें देगा, जिसमें UPS वाले कर्मचारी भी शामिल होंगे।
8वें वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को हुआ है। 18 महीने की समयसीमा के हिसाब से अधिकारिक सिफारिशें फरवरी या अप्रैल 2027 तक आ सकती हैं।
पिछले ट्रेंड्स को देखें तो वेतन आयोग की सिफारिश आने के बाद उन्हें लागू करने में 2 से 3 साल लग जाते हैं। इस मतलब है 2027 में घोषित होने वाली बढ़ोतरी पूरी तरह 2029 या 2030 तक लागू हो सकती हैं।