
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर उम्मीदें लगातार बढ़ रही हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या उनकी बेसिक सैलरी 4 गुना तक बढ़ सकती है। दरअसल, कई कर्मचारी संगठनों ने 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग की है।
अगर इसे मंजूरी मिलती है तो मौजूदा न्यूनतम बेसिक पे 18,000 रुपये बढ़कर करीब 69,000 रुपये हो सकती है।पहली नजर में यह करीब 3.83 गुना बढ़ोतरी दिखती है, लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि 3.83 अभी सिर्फ मांग है, सरकार ने इसे मंजूरी नहीं दी है।
फिटमेंट फैक्टर वह गुणक है, जिसके आधार पर नए वेतन आयोग में मौजूदा बेसिक पे को बदला जाता है। अभी 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है। अगर 3.83 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है तो कैलकुलेशन इस तरह होगा- 18,000 x 3.83 = 68,940 रुपये। यानी नया बेसिक करीब 69,000 रुपये हो सकता है। इसी कैलकुलेशन की वजह से कर्मचारी संगठनों की 3.83 फैक्टर और 69,000 रुपये न्यूनतम बेसिक पे की मांग एक-दूसरे से जुड़ी हुई है।
इसका यह मतलब नहीं है कि हर कर्मचारी की पूरी सैलरी चार गुना हो जाएगी। पूरे वेतन में डीए, एचआरए, ट्रांसपोर्ट अलाउंस और दूसरे भत्ते भी शामिल होते हैं। नए वेतन स्ट्रक्चर में इनका हिसाब अलग तरीके से हो सकता है, इसलिए पूरी सैलरी पर असर अलग होगा।
यही इस पूरे मामले का सबसे अहम सवाल है कि क्या कर्मचारी संगठनों की मांग को सरकार का फैसला माना जा सकता है। इसका जवाब नहीं है। 7वें वेतन आयोग के समय भी कर्मचारी संगठनों ने ज्यादा फिटमेंट फैक्टर की मांग की थी। उस समय NC-JCM ने 3.71 फिटमेंट फैक्टर की मांग रखी थी, लेकिन सरकार ने अंत में 2.57 को ही मंजूरी दी थी। इसलिए 8वें वेतन आयोग में भी अंतिम फिटमेंट फैक्टर कितना होगा, यह आयोग की सिफारिश और सरकार की मंजूरी के बाद ही साफ हो पाएगा। अभी इसे तय मानना सही नहीं है।
अगर 3.83 की मांग पूरी नहीं होती है तो इसका मतलब यह नहीं है कि कर्मचारियों की सैलरी में मामूली बढ़ोतरी होगी। अलग-अलग अनुमानों में 2.06 से 2.10 के आसपास फिटमेंट फैक्टर की संभावना पर भी चर्चा हो रही है। एक अनुमान के मुताबिक 2.10 का फैक्टर लागू होने पर सकल वेतन में करीब 32 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि यह भी कोई ऑफिशियल डेटा नहीं है। यानी अभी कर्मचारियों के सामने 3.83, 2.10 या किसी दूसरे फैक्टर की संभावनाएं हैं, लेकिन कोई भी आंकड़ा आधिकारिक नहीं है।
यह भी पढ़ें- छत्तीसगढ़ में 40 साल पुरानी पेंशन योजना समाप्त... दूसरी किस्त का आदेश भी कैंसिल, पेंशनरों की ग्रेच्युटी भी बंद
अगर सिर्फ 18,000 रुपये बेसिक को 3.83 से गुणा करें तो यह करीब 69,000 रुपये बनता है। इसलिए इसे देखकर ऐसा लग सकता है कि बेसिक सैलरी लगभग चार गुना हो जाएगी। लेकिन इसे पूरी सैलरी में चार गुना बढ़ोतरी समझना सही नहीं होगा। फिलहाल 69,000 रुपये न्यूनतम बेसिक पे और 3.83 फिटमेंट फैक्टर कर्मचारी संगठनों की मांग है, तय वेतन नहीं है। अंतिम फैसला 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही सामने आएगा। तब तक कर्मचारियों को आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।