Budget 2026: महिलाओं को बड़ी सौगात, अब खुलेंगे 'शी मार्ट्स', लखपति दीदी योजना से ग्रामीण महिलाएं बनेंगी ब्रांड
Union Budget 2026: स्वरोजगार से लेकर शिक्षा तक, सरकार ने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार किया है। बजट में सबसे बड़ा आकर्षण महिला ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 01 Feb 2026 04:08:22 PM (IST)Updated Date: Sun, 01 Feb 2026 05:26:19 PM (IST)
Budget 2026: महिलाओं को बड़ी सौगात। (Image Source: AI-Generated)HighLights
- बजट 2026 में नारी शक्ति का दबदबा
- शिक्षा और सुरक्षा पर सरकार का जोर
- महिला उद्यमियों के लिए खुलेंगे शी मार्ट्स
बिजनेस डेस्क। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट में 'नारी शक्ति' को केंद्र में रखते हुए कई क्रांतिकारी घोषणाएं की हैं। स्वरोजगार से लेकर शिक्षा तक, सरकार ने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार किया है। बजट में सबसे बड़ा आकर्षण महिला उद्यमियों के लिए 'शी मार्ट्स' (She MARTS) की शुरुआत और देशभर की छात्राओं के लिए सुरक्षित आवास की व्यवस्था रही।
महिला उद्यमियों को मिलेगा ग्लोबल बाजार
लखपति दीदी योजना की अभूतपूर्व सफलता के बाद सरकार अब 'शी मार्ट्स' का नया कॉन्सेप्ट लेकर आई है। यह योजना महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के उत्पादों को सीधे बड़े बाजारों से जोड़ेगी।
- क्या है शी मार्ट्स: ये आधुनिक रिटेल आउटलेट होंगे, जिन्हें पूरी तरह से महिला उद्यमियों द्वारा संचालित किया जाएगा।
- फायदा: इसके जरिए महिलाएं बिचौलियों के बिना अपने उत्पादों को सीधे ग्राहकों तक पहुँचा सकेंगी और अपना खुद का ब्रांड स्थापित कर सकेंगी।
हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल
छात्राओं की उच्च शिक्षा की राह आसान बनाने के लिए वित्त मंत्री ने एक बड़ी बुनियादी घोषणा की है। सरकार अब देश के प्रत्येक जिले (करीब 700 से अधिक) में सरकारी गर्ल्स हॉस्टल खोलने जा रही है।
- दूर-दराज के इलाकों की छात्राओं को सुरक्षित और सुलभ आवास उपलब्ध कराना ताकि वे बिना किसी बाधा के उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें।
- इस कदम से ड्रॉपआउट रेट में कमी आने और महिला साक्षरता दर में वृद्धि होने की उम्मीद है।
लखपति दीदी योजना
- बजट में लखपति दीदी योजना को नई ऊर्जा के साथ जारी रखने का निर्णय लिया गया है। इस योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण प्रदान किया जाता है।
इस लोन पर सरकार भारी सब्सिडी भी देती है, जिससे ग्रामीण महिलाएं छोटे उद्योग शुरू कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। निर्मला सीतारमण का यह 9वां बजट स्पष्ट संदेश देता है कि भारत की अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी अब केवल श्रम तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वे अब उद्यमियों और ब्रांड मालिकों के रूप में उभरेंगी। 'हर घर में लक्ष्मी' के विचार को साकार करने की दिशा में ये कदम मील का पत्थर साबित हो सकते हैं।