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Budget 2026: कल 9वीं बार बहीखाता खोलेंगी वित्त मंत्री, क्या टूटेगा 2 घंटे 42 मिनट का 'मैराथन भाषण' का रिकॉर्ड?

Budget History: भारत की आर्थिक दिशा तय करने वाले सबसे बड़े दिन यानी 'यूनियन बजट' में अब बस कुछ ही घंटे शेष रह गए हैं। कल, 1 फरवरी (रविवार) को केंद्रीय...और पढ़ें

By Dheeraj BelwalEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Sat, 31 Jan 2026 04:22:39 PM (IST)Updated Date: Sat, 31 Jan 2026 04:22:39 PM (IST)
Budget 2026: कल 9वीं बार बहीखाता खोलेंगी वित्त मंत्री, क्या टूटेगा 2 घंटे 42 मिनट का 'मैराथन भाषण' का रिकॉर्ड?
Budget 2026: कल 9वीं बार बहीखाता खोलेंगी वित्त मंत्री।

HighLights

  1. कल पेश होगा वित्त वर्ष 2026-27 का बजट
  2. 9वीं बार बहीखाता खोलेंगी वित्त मंत्री सीतारमण
  3. बजट 2026 से पहले याद आए पुराने रिकॉर्ड्स

बिजनेस डेस्क। भारत की आर्थिक दिशा तय करने वाले सबसे बड़े दिन यानी 'यूनियन बजट' में अब बस कुछ ही घंटे शेष रह गए हैं। कल, 1 फरवरी (रविवार) को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का लेखा-जोखा पेश करेंगी। यह उनका लगातार 9वां बजट होगा। इस ऐतिहासिक मौके से पहले चर्चा उन रिकॉर्ड्स की हो रही है, जो भारत के बजटीय इतिहास में मील का पत्थर माने जाते हैं।

समय का रिकॉर्ड

बजट भाषण की अवधि (समय) के मामले में वर्तमान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का कोई सानी नहीं है। उन्होंने साल 2020 में भारत के इतिहास का सबसे लंबा बजट भाषण दिया था, जो 2 घंटे और 42 मिनट तक चला था। इस मैराथन स्पीच के दौरान उनकी तबीयत भी कुछ नासाज हुई थी, लेकिन उन्होंने अपने ही 2019 के 2 घंटे 17 मिनट के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया था।


अगर उनके पिछले कुछ वर्षों के भाषणों पर नजर डालें:

  • 2020: 2 घंटे 42 मिनट (सबसे लंबा)
  • 2024 (अंतरिम बजट): 56 मिनट (उनका अब तक का सबसे छोटा भाषण)
  • 2025: 1 घंटे 17 मिनट

'शब्दों' के लिहाज से रिकॉर्ड

जहां निर्मला सीतारमण ने 'समय' के मामले में बाजी मारी है, वहीं 'शब्दों' के लिहाज से रिकॉर्ड आज भी पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के नाम है।

  • 18,650 शब्द: साल 1991 में आर्थिक उदारीकरण के दौर में मनमोहन सिंह ने यह ऐतिहासिक और लंबा भाषण दिया था।
  • 18,604 शब्द: साल 2018 में स्वर्गीय अरुण जेटली ने मनमोहन सिंह के रिकॉर्ड को लगभग छू ही लिया था, लेकिन वे महज 46 शब्दों से पीछे रह गए।

1 फरवरी 2026: क्यों खास है इस बार का बजट?

इस साल का बजट कई मायनों में अनूठा है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि 1 फरवरी को रविवार है। छुट्टी का दिन होने के कारण उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार बजट की डिजिटल व्यूअरशिप (टीवी और मोबाइल पर देखने वालों की संख्या) पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ सकती है।

नौकरीपेशा वर्ग से लेकर छोटे कारोबारियों तक, सबकी नजरें निर्मला सीतारमण के पिटारे पर टिकी हैं। यह बजट केवल सरकारी खर्च का ब्यौरा नहीं होगा, बल्कि एक ऐसा रोडमैप होगा जो तय करेगा कि:

  • आपके घर का राशन और रसोई गैस महंगी होगी या सस्ती?
  • इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव कर मिडिल क्लास को राहत मिलेगी?
  • सरकार रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए किन क्षेत्रों पर दांव लगाएगी?

कल सुबह 11 बजे जब वित्त मंत्री अपना बजट भाषण शुरू करेंगी, तो देखना दिलचस्प होगा कि क्या वह समय या शब्दों का कोई नया रिकॉर्ड बनाती हैं या फिर कम समय में बड़ी घोषणाओं के जरिए जनता का दिल जीतती हैं।