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बजट 2026 : मध्य प्रदेश में टियर-2 टियर-3 कस्बों में कॉरपोरेट मित्रा तैयार करने में मिलेगी मदद

Union Budget 2026: मध्य प्रदेश बड़ा दवा उत्पादक और निर्यातक राज्य है। भारत को वैश्विक बायोफार्मा विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए अगले प...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Mon, 02 Feb 2026 09:52:43 AM (IST)Updated Date: Mon, 02 Feb 2026 09:58:45 AM (IST)
बजट 2026 : मध्य प्रदेश में टियर-2 टियर-3 कस्बों में कॉरपोरेट मित्रा तैयार करने में मिलेगी मदद

HighLights

  1. बायोफार्मा शक्ति से मप्र में दवा उद्योगों को मिलेगा लाभ
  2. एनएसएसएच योजना देगी एससी-एसटी उद्यमियों बढ़ावा
  3. आत्मनिर्भर भारत निधि की इक्विटी सहायता भी दी जाएगी

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। सूक्ष्म, लघु एवं मध्य उद्यम (एमएसएसई) को बढ़ावा देने के लिए बजट में कई प्रविधान किए गए हैं। विशेष रूप से टियर-2 टियर-3 कस्बों में कॉरपोरेट मित्रा तैयार करने सरकार पेशेवर संस्थाओं को मदद करेगी। इससे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को किफायती और सुलभ अनुपालन सेवाएं मिलेगी।

स्थानीय व्यवसायों की लागत कम होगी, व्यापार में आसानी होगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार नीति बनाकर स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर रही है। बता दें कि मध्य प्रदेश बड़ा दवा उत्पादक और निर्यातक राज्य है। भारत को वैश्विक बायोफार्मा विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए अगले पांच वर्ष में दस हजार करोड़ रुपये के आवंटन के साथ बायोफार्मा शक्ति का प्रस्ताव है।


इससे प्रदेश की फार्मा कंपनियां को लाभ मिलेगा। उद्यमियों को 10,000 करोड़ की समर्पित एमएसएमई निधि, 2000 करोड़ से आत्मनिर्भर भारत निधि की इक्विटी सहायता भी दी जाएगी।

115 करोड़ रुपये का बजट प्रविधान किया

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति केंद्र (एनएसएसएच) योजना में 115 करोड़ रुपये बजट प्रविधान किया है। इसका लाभ मप्र के अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के उद्यमियों को मिलेगा। सूक्ष्म और लघु उद्यम क्लस्टर विकास कार्यक्रम (एमएसई-सीडीपी) में 414 करोड़ रुपये का बजट प्रविधान किया है।

इसके तहत मप्र में उद्यमियों द्वारा सामान्य सुविधा केंद्र (सीएफसी) स्थापित करने, नई औद्योगिक अवसरंचना विकास परियोजनाओं (जैसे औद्योगिक संपदा) की स्थापना और मौजूदा औद्योगिक संपदाओं के उन्नयन के लिए सहायता मिलेगी।

माइक्रो इंटरप्राइजेज को मदद के लिए सेल्फ रिलायंट इंडिया फंड बनाया जाएगा। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को विकसित करने पर भी बजट में जोर दिया है।