
बिजनेस डेस्क। त्योहारी सीजन को देखते हुए देश के कई राज्यों ने अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) का तोहफा दे दिया है। हिमाचल प्रदेश, पंजाब, बिहार और केरल समेत कई राज्यों ने भत्तों में 2% से लेकर 8% तक की बढ़ोतरी की है, जबकि कुछ राज्यों में लंबित किस्तों का भुगतान किया जा रहा है।
वहीं दूसरी तरफ, करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 65 लाख पेंशनर्स अभी भी केंद्र सरकार के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। 14 और 21 अक्टूबर की कैबिनेट बैठकों में कोई ऐलान नहीं हुआ, जिसके बाद अब सबकी नजरें 28 अक्टूबर को होने वाली केंद्रीय कैबिनेट की बैठक पर टिकी हुई हैं।
DA और DR क्या है?
महंगाई भत्ता (DA) सेवारत सरकारी कर्मचारियों को दिया जाता है, जबकि महंगाई राहत (DR) पेंशनर्स को मिलती है। इनकी दरों में साल में दो बार (जनवरी और जुलाई) में बदलाव होता है, जिसका आधार महंगाई के अखिल भारतीय आंकड़े होते हैं। आमतौर पर केंद्र सरकार मार्च और अक्टूबर में इसका ऐलान करती है, लेकिन जुलाई 2026 से प्रभावी होने वाली बढ़ोतरी का फैसला अभी अटका हुआ है।
DA और DR में बढ़ोतरी
हिमाचल प्रदेश: दिवाली से पहले राज्य सरकार ने DA में 5% की बढ़ोतरी की है। अब दर 45% से बढ़कर 50% हो गई है। संशोधित वेतन नियमों, UGC वेतनमान और पात्र ऑल इंडिया सर्विसेज के कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा। बढ़ा हुआ भत्ता अक्टूबर की सैलरी के साथ नवंबर में खाते में आएगा।
पंजाब: मान सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनर्स का DA 42% से सीधे 50% करने का फैसला किया है। यह 8% की बढ़ोतरी 1 सितंबर से लागू होगी और इसे 4-4% की दो किस्तों में दिया जाएगा। भुगतान अक्टूबर की सैलरी के साथ होना तय है।
केरल: राज्य सरकार ने DA और DR में 2 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी की है, जिससे यह 35% से बढ़कर 37% पर पहुंच गया है। इसका लाभ कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनर्स को अक्टूबर वेतन (नवंबर भुगतान) से मिलेगा।
बिहार: 7वें वेतन आयोग के दायरे में आने वाले कर्मचारियों का DA 58% से बढ़ाकर 60% किया गया है। वहीं 6वें वेतन आयोग वालों का DA 257% से 262% और 5वें वेतन आयोग वालों का 474% से बढ़ाकर 483% किया गया है। यह 1 जनवरी से लागू है।
उत्तर प्रदेश: यूपी में DA और DR 2 प्रतिशत अंक बढ़कर 58% से 60% हो चुका है। 1 जनवरी से प्रभावी इस फैसले का सीधा फायदा करीब 16 लाख कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनर्स को मिल रहा है।
मध्य प्रदेश से लेकर तेलंगाना तक: तेलंगाना सरकार ने कर्मचारियों के लिए 3.64% और 2.73% की दो किस्तें जारी की हैं, जो पिछली सरकार के समय से अटकी 15.43% किस्तों का आंशिक भुगतान है।
सिक्किम: 7वें वेतन आयोग के तहत दर 58% से 60% और 6वें वेतन आयोग के तहत 257% से 262% की गई है, जिससे 50 हजार लोगों को फायदा हुआ है।
आंध्र प्रदेश: सरकार ने दो लंबित किस्तों (2.73% और 1.82%) को मंजूरी दी है, जिससे कुल DA 41.86% हो गया है। हालांकि इसका एरियर 2027 और 2028 में किस्तों में दिया जाएगा।
अरुणाचल प्रदेश, असम और ओडिशा: अरुणाचल में DA 2% बढ़कर 60% हो गया है। असम में मई महीने में ही दर 58% से बढ़ाकर 60% की गई थी। ओडिशा में भी 2% की बढ़ोतरी के साथ DA 60% पर पहुंच चुका है, जिससे 8.5 लाख लोगों को राहत मिली है।
तमिलनाडु: सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों का DA 2% बढ़ाकर बेसिक का 60% किया गया है, जिससे सरकारी खजाने पर करीब ₹1,230 करोड़ का सालाना भार पड़ेगा।
महाराष्ट्र: राज्य सरकार ने 5वें, 6वें और 7वें वेतन आयोग के कर्मचारियों के बकाये भुगतान के लिए ₹800 करोड़ की राशि मंजूर की है। साथ ही रिटायर्ड अधिकारियों के DR में 2% का इजाफा किया गया है।
पश्चिम बंगाल: राज्य में 5वें वेतन आयोग के कर्मचारियों का DA 171% से बढ़ाकर 223% किया गया है, जबकि बेसिक स्तर पर यह 38% के आंकड़े पर पहुंच गया है।
बैंक कर्मचारियों के लिए मई से जुलाई की अवधि में DA और DR में बदलाव के तहत ₹435 से ₹1,050 तक की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं भारतीय रेलवे ने भी अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के भत्ते में 2% की बढ़ोतरी का ऐलान किया है।
लंबे इंतजार के बीच केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को 3 से 4 फीसदी DA बढ़ोतरी की उम्मीद है। यदि 28 अक्टूबर को होने वाली केंद्रीय कैबिनेट बैठक में मुहर लगती है, तो त्योहारी सीजन में केंद्रीय कर्मियों की सैलरी और पेंशन में भी बड़ा इजाफा देखने को मिलेगा।