
बिजनेस डेस्क। धनतेरस-दिवाली के मौके पर लोग हर चीज की खरीदारी करते समय जल्दबाजी करते हैं। लेकिन अगर आप सोना, चांदी या हीरा खरीदने जा रहे हैं तो जल्दबाजी न करके कई चीजों का ध्यान रखें।
भारत में गोल्ड की प्योरिटी के लिए हॉलमार्किंग सिस्टम है जिसे भारतीय मानक ब्यूरो यानी BIS संचालित करता है।
सोने पर BIS का लोगो यह बताता है कि ज्वेलरी पर हॉलमार्किंग है, यानी सोने में कितनी मात्रा में शुद्ध सोना है। HUID नंबर यह छह अंकों का अल्फान्यूमेरिक कोड होता है, जिससे हॉलमार्क वाली ज्वेलरी की जानकारी जांची जा सकती है।
अगर 22 कैरेट गोल्ड पर 916 लिखा है, इसका मतलब है कि ज्वेलरी के 1,000 हिस्सों में 916 हिस्से सोने के हैं। वहीं, 18 कैरेट गोल्ड पर 750 की प्योरिटी का निशान होता है।
खरीदार BIS Care ऐप के 'Verify HUID' फीचर से HUID नंबर की जानकारी जांच सकते हैं।
अगर आप हीरे की अंगूठी, हार या झुमके खरीदने का मन बना रहे हैं, तो ज्वैलर से उसकी ग्रेडिंग रिपोर्ट मांगना बिल्कुल न भूलें। हीरे की असली क्वालिटी और परख आमतौर पर 4Cs के फॉर्मूले से होती है।
IGI और GIA जैसी संस्थाएं हीरों की ग्रेडिंग रिपोर्ट जारी करती हैं।