
बिजनेस डेस्क। अगर आप भी पीएफ (PF) खाताधारक हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने करोड़ों सदस्यों को बड़ी सौगात देने की तैयारी में है। अब पीएफ निकालने के लिए हफ्तों का इंतजार और क्लेम रिजेक्शन का डर खत्म होने वाला है। मई 2026 के अंत तक EPFO UPI के जरिए इंस्टेंट विड्रॉल (Instant Withdrawal) की सुविधा शुरू कर सकता है।
EPFO अपने नए आधुनिक डिजिटल सिस्टम CITES 2.0 को लागू करने के अंतिम चरण में है। इस तकनीक के आने के बाद पीएफ निकासी की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और तेज हो जाएगी।
सुविधा के साथ-साथ सरकार ने सुरक्षा के लिहाज से नियमों में एक महत्वपूर्ण बदलाव भी किया है। अब कोई भी कर्मचारी अपने पीएफ खाते की पूरी रकम (100%) एक साथ नहीं निकाल पाएगा।
| विवरण | नया नियम |
| अधिकतम निकासी (Max Withdrawal) | कुल बैलेंस का 75% |
| न्यूनतम बैलेंस (Min Balance) | कुल बैलेंस का 25% खाते में रखना अनिवार्य |
केंद्र सरकार चाहती है कि आपात स्थिति में कर्मचारियों को तुरंत पैसा तो मिले, लेकिन उनकी पूरी जमा पूंजी खत्म न हो। खाते में अनिवार्य रूप से बचने वाला 25% हिस्सा उनके रिटायरमेंट के लिए एक सुरक्षित कवच का काम करेगा।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद पैसा निकालने की प्रक्रिया बेहद सरल होगी:
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UPI सुविधा के साथ ही सरकार पीएफ, पेंशन और बीमा के ढांचे को और मजबूत करने के लिए तीन नई योजनाएं लाने की तैयारी में है:
प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है, जिन्हें अक्सर क्लेम रिजेक्ट होने या कागजी कार्यवाही के कारण चक्कर काटने पड़ते थे। अब 'इंस्टेंट मनी' का कॉन्सेप्ट पीएफ के क्षेत्र में भी वास्तविकता बनने जा रहा है।