
बिजनेस डेस्क। हाल ही में सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि यानी EPF और कर्मचारी पेंशन योजना यानी EPS के तहत वेतन सीमा को बढ़ा दिया है। EPF संगठन ने इस सीमा को ₹15000 से बढ़ाकर ₹25000 कर दिया है।
अब एक और अच्छी खबर सामने आई है कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने पीएफ खाते से एडवांस निकालने के नियमों को आसान बना दिया है, जिसमें बीमारी, पढ़ाई, शादी और मकान खरीदने जैसी जरूरतों के लिए अलग-अलग श्रेणियां और निकासी सीमाएं तय की गई हैं।
EPFO के मुताबिक, बीमारी में खुद या अपने परिवार के सदस्यों की जरूरत को देखते हुए इलाज के लिए कर्मचारी PF Advance ले सकते हैं। इस श्रेणी में एडवांस निकालने की संख्या पर कोई सीमा नहीं बताई गई है।
बच्चों की शिक्षा के लिए पीएफ एडवांस निकालने की सुविधा है। इस कैटेगरी में पूरी सदस्यता अवधि के दौरान अधिकतम 10 बार एडवांस लिया जा सकता है।
कर्मचारी खुद या परिवार के सदस्यों की शादी के खर्च के लिए पीएफ एडवांस ले सकते हैं। इस श्रेणी में सदस्यता अवधि के दौरान अधिकतम 5 बार निकासी की अनुमति दी गई है।
.jpg)
EPFO ने आवास से जुड़ी जरूरतों को अलग श्रेणी में रखा है, जिसके तहत कर्मचारी चार तरह के कामों के लिए एडवांस ले सकते हैं।
इन सभी आवास संबंधी जरूरतों को मिलाकर सदस्यता अवधि के दौरान अधिकतम 5 बार एडवांस ले सकते हैं।
इस गाइडलाइन में विशेष परिस्थितियों के लिए भी अलग प्रावधान है। केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) या EPFO की ओर से अधिसूचित विशेष परिस्थितियों में एक वित्तीय वर्ष के दौरान अधिकतम 2 बार एडवांस लेने की अनुमति बताई गई है।
यह भी पढ़ें- EPFO New rule: 1 अक्टूबर से बदल गए EPFO के नियम, जानें आपकी In Hand सैलरी कितनी हो जाएगी कम
EPF सदस्यता के 12 महीने पूरे होने के बाद कर्मचारी और नियोक्ता के अंशदान तथा उस पर अर्जित ब्याज सहित कुल PF Balance का अधिकतम 75% तक एडवांस निकाला जा सकता है।