
बिजनेस डेस्क। धनतेरस दीवाली के खास मौके पर सोना- चांदी खरीदना काफी शुभ माना जाता है। ऐसे में बड़ी संख्या में लोग सोना और चांदी खरीदते हैं। लेकिन हाल ही में धनतेरस से महज तीन दिन पहले ही सोने के गहनों के दाम बढ़ गए हैं।
ऐसा इसलिए क्योंकि सोना खरीदने के वक्त बिल में जुड़ने वाले एक हॉलमार्किंग चार्ज को हाल ही में 67% बढ़ा दिया गया है।
सोना खरीदते समय हॉलमार्किंग का सबसे ज्यादा ख्याल रखा जाता है। ऐसे में हॉलमार्किंग शुल्क बढ़ने से सोने के गहनों की कीमत भी अचानक से बढ़ गई है।
इस हॉलमार्किंग योजना में सोने की ज्वेलरी और कलाकृतियों के लिए सोने की सात कैरट श्रेणियां शामिल हैं, जिसमें 9 कैरेट, 14 कैरेट, 18 कैरेट, 20 कैरेट, 22 कैरेट, 23 कैरेट और 24 कैरेट है.
इस नई बढ़ोतरी के बाद अब ज्वेलर्स को मान्यता प्राप्त परख एवं हॉलमार्किंग केंद्र को हर सोने की चीज पर 75 रुपये का भुगतान करना होगा। पहले ये फीस 45 रुपये थी, यानी कीमत में लगभग 67% की वृद्धि हुई है।ध्यान दें कि आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, प्रति खेप मिनिमम 200 रुपये का शुल्क लागू होगा.
सितंबर 2026 में त्यौहारी सीजन शुरू होने से ठीक पहले, भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने सोने और चांदी के सामानों पर लागू होने वाले हॉलमार्किंग शुल्क में संशोधन किया था। सोने के आभूषणों की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए जून 2021 में सोने की हॉलमार्किंग को अनिवार्य कर दिया गया था।
हालांकि आपको हमेशा हॉलमार्क वाले सोने के गहने ही खरीदने चाहिए, लेकिन ध्यान रखें कि हाल ही में कीमतों में हुई बढ़ोतरी के कारण, इस धनतेरस पर आपको हॉलमार्किंग के लिए ज्यादा शुल्क देना पड़ सकता है।
सोने की हॉलमार्किंग फीस में बदलाव की जानकारी 'BIS (हॉलमार्किंग) संशोधन नियम, 2026' के जरिए दी गई थी, और ये नियम 14 सितंबर, 2026 से लागू हो गए हैं।