
नईदुनिया प्रतिनिधि,इंदौर। अमेरिकी बांड यील्ड कई दशकों के उच्च स्तर पर पहुंचने और अमेरिकी-ईरान तनाव के कारण तेल की कीमतें बढ़ने से महंगाई की चिंता भी बढ़ गई। इसका सीधा असर बुलियन मार्केट पर देखने को मिल रहा है। निवेशकों का रुझान बुलियन मार्केट में घटने लगा है जिससे सोने-चांदी पर दबाव बना हुआ है। बुधवार को कामेक्स पर सोना वायदा 35 डालर टूटकर 4360 डालर प्रति औंस और चांदी वायदा 188 सेंट घटकर 63.23 डालर प्रति औंस पर कारोबार करती देखी गई।
इसके चलते भारतीय बाजारों में लगातार दूसरे दिन गिरावट का सिलसिला जारी रहा। इंदौर में सोना केडबरी एक बार फिर डेढ़ लाख के नीचे पहुंच गया। सराफा में सोना केडबरी 600 रुपये घटकर 149600 रुपये प्रति दस ग्राम और चांदी चौरसा 2700 रुपये घटकर 229800 रुपये प्रति किलो रह गई।
घटे दामों पर भी कारोबार कमजोर बना हुआ है। ज्वेलर्स का कहना है कि ईरान ने युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने के लिए बातचीत विफल होने के बाद "पूरी तरह से आक्रामक" सैन्य रुख अपनाने का संकेत दिया।
बाजार अब सितंबर में फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की 33 प्रतिशत संभावना मान रहे हैं, जो एक महीने पहले 47 प्रतिशत थी। जबकि मौद्रिक नीति के संकेतों के लिए आगामी जुलाई एफओएमसी मिनट्स पर बारीकी से नजर रखी जाएगी। इसके बाद ही बुलियन मार्केट को गति मिल पाएगी।
कामेक्स वायदा पर सोना वायदा 4360 डालर तक जाने के बाद ऊपर में 4368 डालर और नीचे में 4324 डालर प्रति औंस और चांदी 63.23 डालर तक जाने के बाद ऊपर में 63.67 डालर और नीचे में 62.01 डालर प्रति औंस पर कारोबार करती देखी गई।
सोना केडबरी रवा नकद में 149600, सोना आरटीजीएस में 152350 (जीएसटी अतिरिक्त), सोना 22 कैरेट 139700 रुपये प्रति दस ग्राम (जीएसटी अतिरिक्त) है। मंगलवार को सोना 150200 रुपये पर बंद हुआ। चांदी चौरसा 229800, आरटीजीएस 226500, चांदी टंच 230500 प्रति किलो और चांदी सिक्का 2530 रुपये (प्रति नग) के भाव बोले गए। मंगलवार को चांदी 232500 रु. पर बंद हुई थी।